राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की राजनीति में कृषि मंत्री रामविचार नेताम के राजनांदगांव जिले के दौरे को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। डोंगरगढ़ में देवी दर्शन के बाद मंत्री कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू के ग्राम अलीवारा स्थित फार्म हाउस पहुंचे। यहां आयोजित कृषि कार्यक्रम में उन्होंने कृषि उपकरणों और पॉली हाउस निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की घोषणा की। इस दौरे के बाद भाजपा संगठन के भीतर नाराजगी की खबरें सामने आई हैं। विवाद की मुख्य वजह मंत्री के दौरे की जानकारी जिला भाजपा संगठन को नहीं मिलने और भाजपा कार्यकर्ताओं की मांगों से जुड़े आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने के आरोप हैं। हालांकि, मंत्री की ओर से इस पूरे मामले पर उनका पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
अलीवारा स्थित फार्म हाउस पर कृषि कार्यक्रम में हुए शामिल
जानकारी के अनुसार, कृषि मंत्री रामविचार नेताम डोंगरगढ़ में देवी दर्शन करने के बाद ग्राम अलीवारा पहुंचे। यहां कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू के फार्म हाउस पर कृषि अनुसंधान और ज्ञान प्रसार फार्म प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसी दौरान मंत्री ने कृषि उपकरणों तथा पॉली हाउस निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम के बाद उन्होंने फार्म हाउस पर भोजन किया और कुछ समय विश्राम भी किया। इस दौरान मंत्री और विधायक खेतों में फसलों का निरीक्षण करते भी दिखाई दिए। मंत्री के इस दौरे की जानकारी जिला भाजपा संगठन को पहले से नहीं होने की बात सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे लेकर सवाल उठने लगे।
टमाटर की फसल दिखाने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता हुए नाराज
मंत्री के दौरे के दौरान चिखली क्षेत्र में भाजपा के जिला पंचायत सदस्य, मंडल अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ता उनके इंतजार में थे। कार्यकर्ता करीब 100 एकड़ में लगी टमाटर की फसल दिखाना चाहते थे। इसके साथ ही वे क्षेत्र से जुड़ी अपनी मांगों और समस्याओं के संबंध में आवेदन भी सौंपना चाहते थे। आरोप है कि मंत्री ने कार्यकर्ताओं के आवेदन स्वीकार नहीं किए और उन्हें आवेदन हटाकर टमाटर की फसल देखने जाने के लिए कहा। इसके बाद जब कार्यकर्ताओं को कांग्रेस विधायक के फार्म हाउस पर कृषि उपकरणों और पॉली हाउस के लिए एक करोड़ रुपये की घोषणा की जानकारी मिली, तो उनकी नाराजगी और बढ़ गई। इस घटनाक्रम ने भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष की स्थिति पैदा कर दी। हालांकि, आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने के आरोपों पर मंत्री का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने फंड की घोषणा पर उठाए सवाल
भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने मंत्री के दौरे को लेकर कहा कि जिला संगठन को इस संबंध में न तो पहले से जानकारी दी गई थी और न ही कोई प्रोटोकॉल साझा किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक के यहां मंत्री के जाने पर उन्हें व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है, लेकिन वहां बड़ी राशि की घोषणा किए जाने को लेकर सवाल जरूर उठते हैं। उनके अनुसार, विपक्षी दल के विधायक के फार्म हाउस पर इस तरह राशि की घोषणा किए जाने के मामले को संगठन के स्तर पर उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई जा सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी संगठन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।
कांग्रेस ने विधायक दलेश्वर साहू को बताया उन्नत कृषक
इस मामले पर राजनांदगांव शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने विधायक दलेश्वर साहू के कृषि क्षेत्र से जुड़ाव का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि दलेश्वर साहू तीन बार के विधायक होने के साथ-साथ एक उन्नत कृषक भी हैं। उनके अनुसार, कृषि मंत्री का विधायक के फार्म हाउस पहुंचना उनके कृषि क्षेत्र से जुड़े काम और रुचि के कारण था। उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा संगठन क्या रुख अपनाता है, इससे कांग्रेस को कोई लेना-देना नहीं है।कांग्रेस की ओर से विधायक के कृषि अनुभव को दौरे की वजह बताया गया है, जबकि भाजपा के स्थानीय नेताओं ने दौरे की प्रक्रिया और फंड की घोषणा को लेकर सवाल उठाए हैं।
कृषि मंत्री के दौरे से जिले में बढ़ी राजनीतिक हलचल
रामविचार नेताम के इस दौरे ने राजनांदगांव जिले में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। एक तरफ कांग्रेस विधायक के फार्म हाउस पर कृषि उपकरणों और पॉली हाउस के लिए एक करोड़ रुपये की घोषणा हुई, तो दूसरी तरफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने का आरोप लगाया है।भाजपा जिला अध्यक्ष की नाराजगी और मामले को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने की तैयारी के बीच अब सभी की नजरें पार्टी के अगले कदम पर टिकी हैं। फिलहाल, इस घटनाक्रम पर कृषि मंत्री का पक्ष और फंड की घोषणा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।