नई दिल्ली। झीरम घाटी मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और घटना में शहीद हुए लोगों के परिजनों तथा घायलों ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। बैठक में झीरम घाटी घटना से जुड़े घटनाक्रम, अदालत के हालिया फैसले और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर विस्तार से बातचीत हुई।
मुलाकात में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम, अनीता योगेंद्र शर्मा, शिव सिंह ठाकुर, टीएस सिंहदेव और धनेंद्र साहू समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
पीड़ित परिवारों ने राहुल गांधी के सामने रखे मामले के पहलू
बैठक के दौरान झीरम घाटी घटना के पीड़ित परिवारों और घायलों ने मामले से जुड़े अपने पक्ष और अब तक हुई कानूनी प्रक्रिया की जानकारी राहुल गांधी के सामने रखी।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, चर्चा का एक प्रमुख विषय हाल में आया अदालत का फैसला और उसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के विकल्प रहे। बैठक में पीड़ित परिवारों की ओर से न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर भी बात रखी गई।
भूपेश बघेल बोले- आगे की लड़ाई के लिए लिया मार्गदर्शन
बैठक के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम घाटी के पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बैठक में घटना के विभिन्न पहलुओं और अदालत के फैसले को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बघेल के मुताबिक, पीड़ित परिवारों का मानना है कि अदालत के फैसले से उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप न्याय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आगे किस तरह कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाया जाए, इसको लेकर राहुल गांधी से मार्गदर्शन लिया गया है।
टीएस सिंहदेव ने 10 दोषियों को लेकर उठाए सवाल
टीएस सिंहदेव ने बैठक को सार्थक बताते हुए कहा कि राहुल गांधी के सामने मामले से जुड़े सभी तथ्य रखे गए।
सिंहदेव ने अपने बयान में कहा कि जिन 10 लोगों को सजा मिली है, उनके बारे में उनका कहना है कि वे गांव स्तर पर खाना पहुंचाने और गड्ढे खोदने जैसे काम करने वाले लोग थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों को वे मामले में बड़े नाम मानते हैं, उन्हें फरार बताकर कार्रवाई नहीं की गई।
यह सिंहदेव की ओर से बैठक के बाद व्यक्त किया गया पक्ष है। मामले में अदालत द्वारा दर्ज निष्कर्ष और दोषसिद्धि न्यायिक रिकॉर्ड का विषय हैं।
कानूनी सहयोग के लिए राहुल गांधी से चर्चा
टीएस सिंहदेव ने बताया कि बैठक के दौरान राहुल गांधी से कानूनी राय और सहयोग की मांग की गई। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने कानूनी सहायता के लिए संबंधित लोगों से संपर्क करने की जानकारी दी।
बैठक के बाद अब पीड़ित परिवार और कांग्रेस नेता मामले में उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर आगे चर्चा करने की बात कह रहे हैं।
क्या है झीरम घाटी मामला?
25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर माओवादी हमला हुआ था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी।
मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया लंबे समय से चलती रही है। सितंबर 2026 में विशेष एनआईए अदालत के फैसले के बाद झीरम घाटी मामला एक बार फिर चर्चा में आया है। अब पीड़ित परिवारों और कांग्रेस नेताओं की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है।