भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्रवाई विपक्ष के हंगामे के साथ शुरू हुई। कांग्रेस ने जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग। तो वही कांग्रेस बीजेपी के तीखे बयानबाजी के बाद सदन में 7,765.77 करोड़ रुपये के प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। जिसमें विपक्ष ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन पर सरकार को घेरा।
पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस
वर्ष 2026-27 की प्रथम अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने निराश्रित और दिव्यांग पेंशन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। तो वही कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई निराश्रित और दिव्यांग हितग्राहियों को पिछले कई महीनों से पेंशन का भुगतान नहीं हुआ।
छह-छह महीने तक नही मिली राशि
उनका कहना था कि कुछ मामलों में छह-छह महीने तक राशि नहीं मिलने से जरूरतमंद लोगों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भुगतान सुनिश्चित करने की मांग
इस बीच विधायक सोहन वाल्मीक ने भी वित्त मंत्री से मांग की कि वे अपने जवाब में स्पष्ट करें कि लंबित पेंशन का भुगतान कब तक किया जाएगा। विपक्ष ने सरकार से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी संचालन और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।