धार : मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को हाई कोर्ट ने आखिरकार खत्म कर फैसला हिंदुओ के हित में सुनाते हुए भोजशाले को मंदिर घोषित कर दिया है। फसलों को लेकर हिन्दुओं में जहां खुशी की लहर है। तो वही दूसरी तरफ विधायक रामेश्वर शर्मा और पूर्व सीएम उमा भर्ती ने फैसले का स्वागत करते हुए हाई कोर्ट का आभार व्यक्त किया है।
हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना
भोजशाला को लेकर 4 साल से चल रही सुनवाई आखिरकार खत्म होने पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना। धार भोजशाला के मंदिर होने के सारे तथ्य सामने थे इस फैसले से रोमांचित हूं, अभिनंदन।’
सत्य कभी पराजित नहीं हो सकता
तो वही कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि ‘सत्य कभी पराजित नहीं हो सकता यह आज फिर से एक बार साबित हुआ है। भारत के सनातन हिंदू धर्म पर लगातार आक्रमण हुए, मुगलों ने मंदिरों पर आक्रमण किए, मंदिर तोड़े गए, वेद पुराण जलाए गए, लाखों हिंदुओं का रक्त बहाया गया लेकिन अपने धर्म के लिए, अपने हिंदुस्तान के लिए, अपनी संस्कृति के लिए हिंदू फिर भी लड़ता रहा। धार भोजशाला के लिए भी सनातनियों ने लंबी लड़ाई लड़ी है।’
यह सनातन की जीत है
उन्होंने आगे कहा कि न्यायालय पर हमारा विश्वास बना रहा कि यहां सत्य जीतेगा और आज इसी सत्य की जीत हुई है। मैं सनातन के लिए लड़ने वाले करोड़ बलिदानी हिंदुओं को नमन करता हूं। यह सनातन की जीत है। हम उम्मीद करते हैं कि मुसलमान भी सत्य को स्वीकार करेंगे और जहां-जहां हिंदुओं के स्मृति चिन्ह है, जिन-जिन मंदिरों को मुगल लुटेरों ने तोड़ा है उनको वापस करके हिंदुओं की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे।
हाईकोर्ट ने भोजशाला में नमाज पर लगाई रोक
बता दें कि धार भोजशाला को लेकर इंदौर हाई कोर्ट में साल 2022 से लगातार सुनवाई चल रही थी। लेकिन आज हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए भोजशाला को मंदिर घोषित कर दिया। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने भोजशाला में नमाज पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से कहा है कि वे अलग जमीन की मांग कर सकते हैं। हाईकोर्ट के फैसले का मुस्लिम पक्ष ने विरोध जताया है। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।