बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक छात्रा और उसके परिवार को प्रतिष्ठित IIIT हैदराबाद में प्रवेश दिलाने का भरोसा देकर 12 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को एडमिशन कंसल्टेंसी से जुड़ा बताकर SAT परीक्षा के माध्यम से प्रवेश सुनिश्चित कराने का दावा किया और अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए। अब पुलिस साइबर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
SAT के जरिए एडमिशन का भरोसा दिलाया
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने छात्रा के परिजनों को विश्वास दिलाया कि SAT परीक्षा के माध्यम से IIIT हैदराबाद में प्रवेश आसानी से मिल जाएगा। इसी भरोसे में आकर परिवार ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में किस्तों के रूप में रकम जमा कर दी।
दो खातों में RTGS से भेजे गए 12 लाख रुपये
परिजनों ने आरोपियों के निर्देश पर पुणे स्थित एक बैंक खाते में 4 लाख रुपये और हैदराबाद स्थित दूसरे खाते में 8 लाख रुपये RTGS के जरिए ट्रांसफर किए। इस तरह कुल 12 लाख रुपये आरोपियों के खातों में भेज दिए गए।
एडमिशन लेटर नहीं मिला तो खुला फर्जीवाड़ा
राशि जमा होने के बाद भी जब छात्रा को प्रवेश से संबंधित कोई दस्तावेज या एडमिशन लेटर नहीं मिला, तो परिवार ने आरोपियों से संपर्क किया। शुरुआत में उन्हें अलग-अलग बहाने बनाकर टाला गया, लेकिन बाद में आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर दिए। इसके बाद पीड़ित परिवार को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी
शिकायत मिलने के बाद तारबहार थाना पुलिस ने तीन मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन, RTGS ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।