लखनऊ: बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर के बाहर गोलीबारी करने के आरोपी रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गिरोह के दो सक्रिय सदस्य बुधवार को गाजियाबाद में उत्तरप्रदेश एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की अपराध जांच इकाई के साथ मुठभेड़ में मारे गए। पिछली 12 सितंबर को तड़के करीब तीन बजकर 45 मिनट पर अज्ञात हमलावरों ने दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर के बाहर कई राउंड गोलीबारी की थी, जिससे इलाके में दहशत उत्पन्न हो गई थी।
शूटरों की हुई पहचान:
इस सिलसिले में बरेली कोतवाली थाने में एक मामला दर्ज किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध के प्रति राज्य सरकार की 'बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने' की नीति दोहराते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की फिर खुफिया जानकारी जुटाई और पड़ोसी राज्यों के रिकॉर्ड का मिलान किया, जिससे शूटरों की पहचान रोहतक निवासी रवींद्र और सोनीपत के गोहाना रोड स्थित इंडियन कॉलोनी निवासी अरुण के रूप में हुई।
सुरक्षा पर तैनात रहेंगे जवान:
बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि, पाटनी के घर की सुरक्षा मुठभेड़ में दो आरोपियों के मारे जाने के बाद भी बरकरार रहेगी। अभिनेता के पिता जगदीश पाटनी ने बताया कि पुलिस ने उन्हें सूचित किया है कि उनके घर के बाहर गोलीबारी करने वाले लोग मुठभेड़ में मारे गए हैं। उन्होंने कहा, 'मुठभेड़ के बारे में मुझे विस्तार से कोई जानकारी नहीं है, लिहाजा मैं इस बारे में और कुछ नहीं कहना चाहता।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल:
हमले के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई जिसमें गोल्डी बराड़ के सहयोगियों से जुड़े एक अकाउंट ने हमला स्वीकार करने जैसा संदेश दिया और इसे 'जवाबी कार्रवाई' बताया गया। पोस्ट में कहा गया कि यह प्रतिक्रिया उन टिप्पणियों के खिलाफ है जो कुछ धार्मिक आस्थाओं और साधुओं के बारे में कही गई थीं। हालांकि यह पोस्ट अगले दिन सुबह (13 सितंबर) हटा दी गई और संबंधित अकाउंट को भी बंद कर दिया गया।
STF-Delhi Police की कार्रवाई:
रिपोर्ट्स के अनुसार, STF के नोएडा यूनिट और दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त टीम को ट्रोनिका सिटी में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली। टीम ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की तो गोलीबारी हुई। मुठभेड़ में दोनों आरोपियों को गंभीर चोटें आईं। जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से कनेक्शन:
यूपी एसटीएफ ने आरोपियों का संबंध गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोडारा के गिरोहों से जोड़ा है। प्रारम्भिक जांच में पता चला है कि रविंद्र (कुल्लू) और अरुण का नेटवर्क आरोपी गैंग्स से जुड़ा हुआ था और दोनों पर कई आपराधिक मामलों की छानबीन जारी है। पुलिस अब उन लिंक-अप्स की जांच कर रही है जिनके जरिए यह हमला प्लान और फंडेड हुआ।
मौके से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद:
ADG (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने बताया कि मौके से ग्लॉक पिस्टल, जिगाना पिस्टल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं। बरामद हथियार और कारतूस की जांच और सिंगल-शॉट व बॉलिस्टिक रिपोर्ट पुलिस करवा रही है ताकि पता चल सके हथियार कहां से आए और इन्हें किसने सप्लाई किया।