छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जांच एजेंसी ED ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। इसी सिलसिले में बिलासपुर में ED की टीम ने बड़ी छापेमारी कर सनसनी फैला दी। शहर के जाने-माने सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर और दुकान पर एक साथ हुई इस कार्रवाई ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है।
बिलासपुर में एक साथ कई ठिकानों पर छापा
सूत्रों के अनुसार, ED की टीम ने गुरुवार को अचानक विवेक अग्रवाल के आवास और उनके प्रतिष्ठान पर दबिश दी। टीम ने पूरे दिन तलाशी अभियान चलाया और कई अहम दस्तावेजों को कब्जे में लिया। छापेमारी के दौरान आसपास के इलाके में भारी भीड़ भी देखने को मिली, जिससे घटना चर्चा का विषय बन गई।
करोड़ों की संपत्ति मिलने की चर्चा
कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में कीमती सामान मिलने की बात सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, लगभग 17 किलो सोना, करोड़ों रुपये के हीरे के आभूषण और भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी एजेंसी की ओर से नहीं की गई है, लेकिन शुरुआती जानकारी ने मामले की गंभीरता बढ़ा दी है।
मुख्य आरोपियों से कनेक्शन की जांच
बताया जा रहा है कि विवेक अग्रवाल, फरार आरोपी विकास अग्रवाल के भाई हैं। विकास अग्रवाल का नाम पहले ही शराब घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर के करीबी के तौर पर सामने आ चुका है। ऐसे में ED अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही है।
लेनदेन और निवेश की पड़ताल
ED की टीम जब्त किए गए दस्तावेजों और बैंकिंग लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि कथित अवैध कमाई को किन-किन माध्यमों से निवेश किया गया और उसे वैध बनाने की प्रक्रिया कैसे अपनाई गई।
दुर्ग में भी कार्रवाई से हलचल
बिलासपुर के साथ-साथ दुर्ग में भी ED की सक्रियता देखने को मिली। 30 अप्रैल को टीम ने ‘अमर इंफ्रा’ से जुड़े कारोबारी और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के निवास और कार्यालय पर छापा मारा। महेश कॉलोनी स्थित उनके घर पर टीम के पहुंचते ही इलाके में हलचल मच गई और बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।
दस्तावेजों की गहन जांच जारी
दुर्ग में हुई इस कार्रवाई के दौरान भी ED अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। हालांकि इस छापेमारी के पीछे की सटीक वजह को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इसे शराब घोटाले से जुड़ी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
कई क्षेत्रों में फैला कारोबार
चतुर्भुज राठी का नाम दुर्ग के प्रमुख कारोबारियों में गिना जाता है। वे रियल एस्टेट के साथ-साथ अन्य व्यवसायों में भी सक्रिय हैं। उनके विभिन्न प्रोजेक्ट और कारोबारी गतिविधियां लंबे समय से चर्चा में रही हैं, जिससे ED की कार्रवाई ने और सवाल खड़े कर दिए हैं।