दुर्ग (भिलाई)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद ही दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ भिलाई शहर में दो अलग-अलग मामलों में दो छात्रों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों ही छात्र अपनी जिंदगी की नई शुरुआत और पढ़ाई के सिलसिले में भिलाई में रह रहे थे। पुलिस को एक घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी भाषा बेहद भावुक और हैरान करने वाली है।
पहला मामला: बंद स्कूल में मिला BSP कर्मी के बेटे का शव, सुसाइड नोट में छलका दर्द
पहली घटना भिलाई के एक बंद पड़े स्कूल परिसर की है। यहाँ भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के एक कर्मचारी के बेटे दीपांशु वर्मा का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। दीपांशु ने अपनी बीएससी (BSc) की पढ़ाई पूरी कर ली थी और पिछले कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) की तैयारी कर रहा था।
सुसाइड नोट में लिखा- 'मुझसे नफरत के लिए धन्यवाद'
पुलिस को दीपांशु के शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। इस नोट में उसने लिखा है, "मुझसे इतनी नफरत के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरे शरीर को दफनाया नहीं जाना चाहिए, इसका अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए।" हालांकि, दीपांशु ने इस नोट में किसी भी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिखा है, जिससे नफरत की वजह साफ हो सके।
सुबह मां से मांगे थे 100 रुपये
परिजनों ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन सुबह घर से निकलने से पहले दीपांशु ने अपनी मां से 100 रुपये मांगे थे। उस वक्त उसकी मां नींद में थीं, इसलिए वे उसकी बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाईं। जब दीपांशु देर रात तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने घबराकर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। खोजबीन के दौरान उसका शव बंद स्कूल में मिला।
दूसरा मामला: हॉस्टल के कमरे में अकेले रह रहे छात्र ने दी जान
आत्महत्या का दूसरा मामला भिलाई के सेक्टर-7 स्थित महाराणा प्रताप भवन छात्रावास (Hostel) से सामने आया है। यहाँ रहने वाले 19 वर्षीय छात्र निखिल पौसार्य ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे कर्मचारी
मृतक निखिल मूल रूप से कबीरधाम (कवर्धा) जिले के पंडरिया का रहने वाला था। वह भिलाई के साईं महाविद्यालय में बीएससी बायो (BSc Bio) की पढ़ाई कर रहा था और पिछले एक साल से इस हॉस्टल के एक कमरे में अकेला रहता था। रविवार की सुबह जब काफी देर तक निखिल के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो उसके दोस्तों को चिंता हुई। उन्होंने तुरंत हॉस्टल प्रबंधन और कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर निखिल का शव फंदे से लटक रहा था। निखिल ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसके कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
पुलिस कर रही है मामले की बारीकी से जांच
दुर्ग पुलिस ने दोनों ही मामलों में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दीपांशु के मामले में पुलिस सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच कर रही है और उसके दोस्तों व करीबियों से पूछताछ कर रही है ताकि 'नफरत' शब्द के पीछे की कहानी सामने आ सके। वहीं, निखिल के मामले में उसके मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है।