संजय यादव//कवर्धा: जिले में धान बिक्री नहीं हो पाने से परेशान एक मजबूर किसान पिता ने कलेक्टर को भावुक चिट्ठी लिखकर अपनी पीड़ा जाहिर की है। राजानवागांव क्षेत्र के किसान पुनऊ राम पटेल ने रकबा संशोधन के लिए पहले ही आवेदन कर दिया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद अब तक कोई सुधार नहीं हो पाया है।
रकबा संशोधन अटका, धान बिक्री पूरी तरह ठप
रकबा संशोधन नहीं होने के कारण किसान अपना धान बेचने में असमर्थ है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। किसान का कहना है कि धान नहीं बिकने से रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।
बेटी की शादी तय, लेकिन संसाधन नहीं
किसान ने चिट्ठी में बताया कि उसकी बेटी की शादी तय हो चुकी है, लेकिन धान की बिक्री नहीं होने से शादी की तैयारियां तक नहीं हो पा रही हैं। आर्थिक तंगी ने पूरे परिवार को मानसिक तनाव में डाल दिया है।
किसान ने 2 लाख 4 हजार रुपये सहायता की मांग की
पुनऊ राम पटेल ने प्रशासन से किसी भी विभाग के माध्यम से 2 लाख 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है, ताकि बेटी की शादी और परिवार की जरूरी जरूरतें पूरी की जा सकें। चिट्ठी में एक पिता की बेबसी और प्रशासन से आखिरी उम्मीद साफ तौर पर झलकती है।
धान खरीदी केंद्र की अव्यवस्था पर फूटा गुस्सा
किसान ने धान खरीदी केंद्रों की अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समय पर रकबा संशोधन नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
