छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। राजनांदगांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली शुल्क वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नए बिजली दरों का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा और महंगाई के बीच यह फैसला लोगों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ाने वाला है।
बिजली कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के कैलाश नगर स्थित विद्युत मंडल कार्यालय के सामने एकत्र हुए और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया तथा बिजली दरों में वृद्धि के निर्णय को वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान माहौल कुछ देर के लिए गर्मा गया और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
आंदोलन में शामिल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली दरों में वृद्धि को जनविरोधी बताते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाए और फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।
आम जनता पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
कांग्रेस का कहना है कि घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी से हर महीने लोगों का बजट प्रभावित होगा। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि बढ़ी हुई दरों का असर प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि बिजली दर वृद्धि को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से तत्काल दरें वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि जनता के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।