नारायणपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान नारायणपुर जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने 351 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये की लागत से 357 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। यह कार्यक्रम जिले के हाई स्कूल मैदान में आयोजित किया गया।
माओवाद समाप्ति की दिशा में निर्णायक कदम
बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लाल आतंक अब समाप्ति की कगार पर है और बस्तर क्षेत्र नवाचार व विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार माओवाद मुक्त बस्तर की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
नियद-नेल्लानार योजना से गांवों तक पहुंचा विकास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नियद-नेल्लानार योजना के माध्यम से 400 से अधिक गांवों में विकास कार्य सुनिश्चित किए गए हैं। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
351 करोड़ के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन
कार्यक्रम में जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया, उनमें सड़क, शिक्षा, आधारभूत संरचना, पर्यटन, कृषि और पशुपालन से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से नारायणपुर जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
332 करोड़ के नए निर्माण कार्यों की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 6 प्रमुख नए निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिनकी कुल अनुमानित लागत 332 करोड़ रुपये है—
ओरछा-आदेर-लंका-बेदरे-कुटरूमैमेड मार्ग (125 किमी) – 250 करोड़
राजनांदगांव-बैलाडिला मार्ग सतह मजबूतीकरण (28 किमी) – 34 करोड़
नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग सतह मजबूतीकरण (28 किमी) – 34 करोड़ 12 लाख
घुड़साल नाला पर उच्च स्तरीय पुल (80 मी.) – 12 करोड़ 42 लाख
अबुझमाड़ में 10 वैकल्पिक प्राथमिक स्कूल भवन – 1 करोड़ 06 लाख
गरांजी एजुकेशन हब में खेल मैदान – 50 लाख
इन परियोजनाओं से नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के बीच सड़क संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
बस्तर पण्डुम में जनजातीय संस्कृति की झलक
बस्तर पण्डुम के आयोजन में मुख्यमंत्री ने आदिवासी व्यंजन, वेशभूषा, आभूषण और सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह उत्सव जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कन्या विवाह योजना के तहत मुख्यधारा में लौटे 4 आत्मसमर्पित जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके नए जीवन की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं।
जनप्रतिनिधियों ने भी रखे विचार
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश माओवाद मुक्त हो जाएगा। प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हो रहे निरंतर विकास की सराहना की। वहीं बस्तर सांसद महेश कश्यप ने जनजातीय संस्कृति संरक्षण में बस्तर पण्डुम और बस्तर ओलंपिक की भूमिका को अहम बताया।