रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल का भुगतान करने वाले करीब 65 लाख उपभोक्ताओं के लिए विलंब शुल्क के नियम में बदलाव किया गया है। अब बिल जमा करने में देरी होने पर पूरे महीने का सरचार्ज नहीं देना होगा। नए प्रावधान के तहत जितने दिनों की देरी होगी, उतने ही दिनों के हिसाब से विलंब अधिभार की गणना की जाएगी।
पहले बिल की अंतिम तारीख निकलने के बाद यदि उपभोक्ता एक या दो दिन की देरी से भी भुगतान करता था, तो उसे पूरे महीने का सरचार्ज देना पड़ता था। इस व्यवस्था में अब बदलाव किया गया है, जिससे कम दिनों की देरी करने वाले उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
हालांकि, एडवांस में बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में कम छूट मिलेगी। पहले अग्रिम भुगतान पर 1.25 प्रतिशत की छूट मिलती थी, जिसे अब घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया गया है।
अब रोजाना 0.04% की दर से लगेगा विलंब अधिभार
नए नियम के तहत बिजली बिल का भुगतान समय पर नहीं करने पर 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से विलंब अधिभार लिया जा रहा है। यानी भुगतान में जितने दिन की देरी होगी, उपभोक्ता से उतने ही दिनों का सरचार्ज वसूला जाएगा।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी उपभोक्ता का बिजली बिल 4,000 रुपये है और वह भुगतान में एक दिन की देरी करता है, तो उसे 1.5 प्रतिशत का पूरा मासिक सरचार्ज नहीं देना पड़ेगा। एक दिन के लिए 0.04 प्रतिशत की दर से केवल 1.60 रुपये विलंब अधिभार लगेगा।
अगर यही बिल करीब एक महीने तक लंबित रहता है तो 30 दिनों के हिसाब से लगभग 1.2 प्रतिशत अधिभार बनेगा। यानी 4,000 रुपये के बिल पर करीब 48 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
पहले एक-दो दिन की देरी पर भी देना पड़ता था पूरे महीने का शुल्क
पुरानी व्यवस्था में अंतिम भुगतान तिथि निकलने के बाद एक दिन की देरी होने पर भी पूरे महीने के लिए 1.5 प्रतिशत सरचार्ज लगाया जाता था। उदाहरण के लिए 4,000 रुपये के बिजली बिल पर उपभोक्ता को 60 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते थे, भले ही भुगतान में केवल एक दिन की देरी हुई हो। अब रोजाना आधार पर शुल्क लगने से कम अवधि की देरी करने वाले उपभोक्ताओं को इस तरह के अतिरिक्त बोझ से राहत मिलेगी।
बड़े बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं को भी राहत
नए नियम का असर अधिक राशि वाले बिजली बिलों पर भी दिखाई देगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी उपभोक्ता का बिल 50,000 रुपये है, तो पुरानी व्यवस्था में एक दिन की देरी पर भी 1.5 प्रतिशत के हिसाब से 750 रुपये का सरचार्ज लग सकता था। नई व्यवस्था में एक दिन की देरी पर 0.04 प्रतिशत की दर से करीब 20 रुपये विलंब अधिभार लगेगा। यानी केवल एक-दो दिन की देरी करने वाले बड़े बिल वाले उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में काफी कम शुल्क देना पड़ेगा।
इसी तरह जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल की राशि लाखों रुपये में होती है, उनके लिए भी कम दिनों की देरी पर मासिक सरचार्ज की जगह दैनिक गणना होने से राहत मिल सकती है।
एडवांस बिल जमा करने पर अब कम मिलेगी छूट
जहां विलंब से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को राहत मिली है, वहीं अग्रिम भुगतान करने वालों के लिए छूट कम कर दी गई है। पहले बिजली बिल एडवांस में जमा करने पर 1.25 प्रतिशत की छूट मिलती थी, लेकिन अब यह घटकर 0.75 प्रतिशत रह गई है। हालांकि आम तौर पर ज्यादातर उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान एडवांस में नहीं करते हैं। ऐसे में इस बदलाव का असर सीमित संख्या में उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है।
नए नियम से क्या बदला?
बिल की अंतिम तारीख के बाद अब दैनिक आधार पर विलंब अधिभार लगेगा।
विलंब अधिभार की दर 0.04% प्रतिदिन है।
एक-दो दिन की देरी पर पूरे महीने का सरचार्ज नहीं देना होगा।
पुराने प्रावधान में 1.5% मासिक सरचार्ज की व्यवस्था थी।
एडवांस भुगतान की छूट 1.25% से घटाकर 0.75% कर दी गई है।
कम अवधि की देरी करने वाले उपभोक्ताओं, खासकर बड़े बिल वालों को राहत मिलने की उम्मीद है।