रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन महीने बढ़ाने का फैसला किया है। अब उपभोक्ता 30 सितंबर 2026 तक इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक बकायेदार उपभोक्ताओं को राहत देकर लंबित बिजली बिलों का समाधान करना है।
अब तक लाखों उपभोक्ताओं को मिला लाभ
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के अनुसार, योजना के तहत अब तक 8 लाख 61 हजार 38 सक्रिय उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। इन उपभोक्ताओं पर करीब 1,493 करोड़ रुपये का बकाया था, जिसमें से 745.61 करोड़ रुपये का सरचार्ज माफ किया जा चुका है।
कोर्ट में लंबित मामलों को भी मिलेगी राहत
योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब उन उपभोक्ताओं को भी शामिल किया गया है, जिनके बिजली बिल से जुड़े मामले न्यायालय में लंबित हैं। हालांकि, ऐसे उपभोक्ताओं को पहले अपना प्रकरण न्यायालय से वापस लेना होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने पर उन्हें भी योजना के तहत मिलने वाली छूट और अन्य लाभ दिए जाएंगे।
हजारों उपभोक्ताओं के विवाद सुलझे
बिजली वितरण कंपनी के मुताबिक, अब तक 1 लाख 42 हजार 799 उपभोक्ताओं के मामलों का पूर्ण समाधान किया जा चुका है। इन्हें मूल बकाया राशि में 28.28 करोड़ रुपये और सरचार्ज में 50.60 करोड़ रुपये की राहत दी गई है। इन उपभोक्ताओं से लगभग 58.96 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ है।
निष्क्रिय उपभोक्ताओं को भी मिली छूट
योजना के तहत 3.58 लाख निष्क्रिय उपभोक्ताओं को भी राहत प्रदान की गई है। उन्हें मूल राशि में 124.31 करोड़ रुपये और सरचार्ज में 40.76 करोड़ रुपये यानी कुल 165.07 करोड़ रुपये की छूट दी गई। इन उपभोक्ताओं से 2.52 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ है।
सरकार का उद्देश्य बकाया बिलों का समाधान
बिजली वितरण कंपनी का कहना है कि योजना को उपभोक्ताओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप इसकी अवधि बढ़ाई गई है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता बकाया बिजली बिलों का निपटारा कर सकें और सरचार्ज में मिलने वाली छूट का लाभ उठा सकें।