रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बाधित होने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील और वीआईपी काफिलों में कटौती की खबरों के बाद लोगों में फ्यूल की कमी को लेकर चिंता बढ़ गई, जिसके चलते शहर के पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बुधवार देर रात तक राजधानी के कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई जगहों पर पेट्रोल और डीजल खत्म होने के कारण पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। गुरुवार सुबह होते ही एक बार फिर लोगों की भीड़ पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगी।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
रायपुर के सरोना, भाठागांव, विधानसभा रोड, देवेन्द्र नगर और जयस्तंभ चौक समेत कई इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एचपी और इंडियन ऑयल के कई पेट्रोल पंपों पर समय पर सप्लाई नहीं पहुंचने से स्थिति और बिगड़ गई। शाम तक राजधानी के करीब एक दर्जन पेट्रोल पंपों पर बिक्री प्रभावित रही। कई पंप संचालकों ने सप्लाई नहीं मिलने और संभावित मूल्य वृद्धि की आशंका के चलते फ्यूल वितरण सीमित कर दिया।
बस्तर संभाग में भी बढ़ी दिक्कत
रायपुर के अलावा बस्तर संभाग के कई जिलों में भी पेट्रोल पंप बंद होने की खबरें सामने आई हैं। ग्रामीण इलाकों में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कई वाहन चालकों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने मनमाने तरीके से सप्लाई रोक दी, जिससे कृत्रिम संकट की स्थिति बनी। पार्टी ने मामले की जांच की मांग करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील की है। वहीं पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि भुगतान प्रक्रिया में देरी और सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण कुछ इलाकों में फ्यूल उपलब्धता पर असर पड़ा है।
प्रशासन की नजर स्थिति पर
फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी ताकि लोगों को राहत मिल सके। हालांकि शहर में अभी भी पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है।