रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और अस्पतालों में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के 520 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित कर्मचारियों से मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवाभाव के साथ काम करने की अपील की। इन नियुक्तियों में स्टाफ नर्स, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और वार्ड आया के पद शामिल हैं। नवनियुक्त स्वास्थ्यकर्मी प्रदेश के 14 जिलों में अपनी सेवाएं देंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे संबंधित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को मजबूती मिलेगी और आम नागरिकों को उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मरीजों की सेवा को नौकरी नहीं, जनसेवा समझें: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कार्य करना केवल एक रोजगार नहीं, बल्कि समाज के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन स्वास्थ्यकर्मियों से काफी उम्मीदें रखते हैं। ऐसे में कर्मचारियों का व्यवहार, तत्परता और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करें। रोगियों की सेवा को पुण्य का कार्य मानते हुए जरूरतमंदों की सहायता करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
520 नियुक्तियों में किन पदों पर हुआ चयन?
स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में कुल 520 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई है। पदवार नियुक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
स्टाफ नर्स: 208 पद
ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (पुरुष): 95 पद
ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला): 94 पद
फार्मासिस्ट: 25 पद
वार्ड बॉय: 50 पद
वार्ड आया: 48 पद
इन सभी पदों पर चयनित कर्मचारियों की तैनाती प्रदेश के 14 जिलों में की जाएगी। इससे अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
जनजातीय और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त कर्मचारियों की जिम्मेदारी इसलिए भी अहम है, क्योंकि जिन जिलों में उनकी तैनाती होगी, उनमें अधिकांश जनजातीय आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है।
सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी नागरिक को केवल भौगोलिक दूरी के कारण बेहतर इलाज से वंचित न रहना पड़े। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता जरूरी है। इन नियुक्तियों से इस दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव: CM साय
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य नागरिकों के व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज और प्रदेश की प्रगति के लिए भी आवश्यक है। स्वस्थ नागरिक ही अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करते हुए परिवार, समाज और राज्य के विकास में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है। इसका लक्ष्य शहरों के साथ-साथ गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण उपचार की पहुंच सुनिश्चित करना है।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को मिला अवसर: स्वास्थ्य मंत्री
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने भी नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 520 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है। यह नियुक्तियां प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों, नर्सों और विभाग के अन्य संवर्गों में मानव संसाधन बढ़ाने के लिए आगे भी आवश्यकतानुसार भर्ती की जाएगी। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से अनुशासन, ईमानदारी और सेवाभाव के साथ काम करने की अपील की।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में 520 कर्मचारियों की नियुक्ति से 14 जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को अतिरिक्त सहयोग मिलने की उम्मीद है। खासकर जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में कर्मचारियों की उपलब्धता मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। अब नवनियुक्त कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने कार्यस्थल पर तत्परता और संवेदनशीलता के साथ लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान दें।