गौरव शर्मा// रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही मंगलवार को शुरू होते ही कई मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिली। सबसे पहले डोंगरगढ़ जिला सहकारी बैंक के भवन निर्माण का मामला सदन में गूंजा, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
टेंडर के बाद भी निर्माण नहीं होने पर सवाल:
डोंगरगढ़ से विधायक हर्षिता बघेल ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि जिला सहकारी बैंक भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर भवन निर्माण प्रस्तावित है, वहां अतिक्रमण होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है। प्रशासन अब तक अतिक्रमण हटाने में भी असफल रहा है, जिससे किसान और स्थानीय लोग परेशान हैं।
मंत्री ने कहा – जगह उपयुक्त नहीं:
इस मामले पर जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जिस स्थान पर भवन निर्माण प्रस्तावित है, वह पूरी तरह उपयुक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कलेक्टर से चर्चा कर उचित स्थान पर भवन निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा।
किराए के भवन में बैंक संचालन पर आपत्ति:
विधायक हर्षिता बघेल ने कहा कि जब भवन निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है, तो बैंक को किराए के भवन में क्यों संचालित किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि अतिक्रमण हटाकर जल्द से जल्द भवन निर्माण शुरू कराया जाए।
भूपेश बघेल ने उठाए सवाल:
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित स्थल पर पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह मौजूद है, फिर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण किसी प्रभावशाली व्यक्ति का है, इसलिए प्रशासन उसे हटाने से बच रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब प्रदेश में अन्य जगहों पर अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जाता है, तो यहां कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
फिटनेस और परमिट रहित वाहनों का मुद्दा भी गूंजा:
सदन में परिवहन से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। विधायक ओंकार साहू ने बिना फिटनेस, परमिट और बीमा के चल रही गाड़ियों का मामला उठाया। इस पर मंत्री केदार कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक 77 हजार 810 प्रकरण बिना परमिट और बीमा के वाहनों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में सरकार ने 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपए की वसूली की है।
मंत्री के जवाब से विपक्ष असंतुष्ट:
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मंत्री बिना तैयारी के जवाब दे रहे हैं और विभागीय जानकारी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस विषय पर अलग से समय निर्धारित कर विस्तृत चर्चा कराई जाए। हालांकि मंत्री ने अतिरिक्त जानकारी बाद में उपलब्ध कराने की बात कही, लेकिन विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं हुआ और एक बार फिर सदन से बहिर्गमन कर दिया। बताया जा रहा है कि विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के करीब आधे घंटे के भीतर ही विपक्ष ने दो बार वॉकआउट किया, जिससे सदन का माहौल काफी गरमाया रहा।