डिंडोरी : डिंडौरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 15 की भाजपा पार्षद सरस्वती पारासर ने वार्ड में विकास कार्य नहीं होने से नाराज होकर नगर परिषद अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया। पार्षद का कहना है कि पिछले चार वर्षों से वार्ड में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए, जिसके कारण उन्हें क्षेत्र की जनता के लगातार सवालों और नाराजगी का सामना करना पड़ रहा था। इसी वजह से उन्होंने पार्षद पद से इस्तीफा देना उचित समझा।
भाजपा की सरकार होने के बाद नहीं हुआ काम
पार्षद सरस्वती पारसर ने आरोप लगाया कि नगर परिषद और प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि कई बार वार्ड की समस्याओं और विकास कार्यों की मांग उठाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
इस मामले पर कांग्रेस पार्षद ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भाजपा के अपने पार्षदों की ही सुनवाई नहीं हो रही है, तो विपक्षी कांग्रेस पार्षदों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि ही उपेक्षा का शिकार हैं, तो विपक्ष की समस्याओं पर ध्यान दिए जाने की उम्मीद करना मुश्किल है।
मीडिया के सवालों का नहीं दिया जवाब
वहीं, जब इस संबंध में नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस से मीडिया ने इस्तीफे और लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और बिना टिप्पणी किए वहां से चली गईं। यह पूरा घटनाक्रम मौके पर मौजूद मीडिया के कैमरे में भी कैद हुआ।