BCCI Central Contract 2026: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अगर प्रस्तावित नया मॉडल लागू होता है, तो भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम रोहित शर्मा और विराट कोहली को बड़ा झटका लग सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा A+ ग्रेड को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है और इसकी जगह केवल तीन कैटेगरी ग्रेड A, B और C रखी जाएंगी।
क्यों हो सकता है रोहित-विराट का डिमोशन?
सूत्रों के अनुसार, सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन अजित अगरकर की अगुआई में यह नया प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस मॉडल का सबसे बड़ा फोकस मल्टी-फॉर्मेट खिलाड़ियों पर होगा। जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) खेलते हैं उन्हें टॉप ग्रेड में प्राथमिकता मिलेगी वहीं, जो खिलाड़ी केवल एक या दो फॉर्मेट खेल रहे हैं, उनके लिए टॉप ग्रेड में जगह बनाना मुश्किल हो जाएगा। रोहित शर्मा और विराट कोहली फिलहाल सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं, इसी वजह से उन्हें सीधे ग्रेड-B में रखने की चर्चा तेज हो गई है।
मौजूदा BCCI Central Contract सिस्टम:
फिलहाल BCCI का कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम चार ग्रेड सालाना राशि A+ ₹7 करोड़, A ₹5 करोड़, B ₹3 करोड़, C ₹1 करोड़ में बंटा है। इसके अलावा खिलाड़ियों को मैच फीस अलग से मिलती है। 2024-25 की A+ ग्रेड लिस्ट अप्रैल 2025 में जारी हुई पिछली सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में A+ ग्रेड में विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह सहित ये खिलाड़ी शामिल थे।
अन्य ग्रेड्स में कौन-कौन?
इसके साथ ही ग्रेड A में मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी, ऋषभ पंत हैं, वहीं ग्रेड B में सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर शामिल हैं, साथ ही ग्रेड C में रिंकू सिंह, ईशान किशन, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह समेत कई युवा खिलाड़ी हैं।
BCCI का नया संदेश साफ:
नए प्रस्ताव से साफ संकेत मिलता है कि BCCI अब तीनों फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ियों को तरजीह देगा। सीनियरिटी से ज्यादा परफॉर्मेंस + फॉर्मेट कमिटमेंट को अहमियत देगा। अगर यह बदलाव मंजूर हो जाता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट रिफॉर्म माना जाएगा।
एपेक्स काउंसिल मीटिंग पर टिकी सबकी नजरें:
BCCI Central Contract में प्रस्तावित बदलाव सिर्फ पैसों का मामला नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट की भविष्य की दिशा तय करने वाला फैसला हो सकता है। अब सबकी नजरें BCCI की अगली एपेक्स काउंसिल मीटिंग पर टिकी हैं।