शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज कराए गए विवादित मामले में अब नया मोड़ आ गया है। आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि उन्होंने जो शिकायत दर्ज कराई थी, वह उनकी अपनी पहल पर नहीं थी। उनका कहना है कि उन्हें गुमराह किया गया और कुछ लोगों के प्रभाव में आकर उन्होंने वह कदम उठाया। इस बयान के सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
वीडियो जारी कर बदला अपना रुख
आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ लगाए गए आरोपों के पीछे एक सुनियोजित रणनीति थी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मामले की वास्तविकता नहीं बताई गई थी और बाद में उन्हें पूरी स्थिति का पता चला। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखने का फैसला किया।
आश्रम और संपत्ति विवाद का लगाया आरोप
अपने बयान में आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक संस्थानों और आश्रमों से जुड़े मामलों में निजी हित साधने की कोशिश कर रहे थे। उनका दावा है कि इसी उद्देश्य से कई दस्तावेज तैयार किए गए और उन्हें भी विवाद का हिस्सा बनाया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजी है।
सबूत सार्वजनिक करने की कही बात
आशुतोष का कहना है कि उनके पास कई ऐसे दस्तावेज, संदेश और अन्य रिकॉर्ड मौजूद हैं जो पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने ला सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उचित समय पर इन तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा ताकि पूरे मामले की वास्तविकता लोगों के सामने आ सके।
न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेने की तैयारी
उन्होंने कहा कि यदि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है तो वह कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उनके अनुसार, मामले से जुड़े कई पहलुओं की जांच होना जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
पहले लगाए थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि कुछ समय पहले आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामला अदालत तक पहुंचा और संबंधित कानूनी प्रक्रिया भी शुरू हुई। हालांकि अब शिकायतकर्ता के बदले हुए रुख ने पूरे विवाद को नई दिशा दे दी है। ऐसे में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।