अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के लिए साल 2026 अहम होने जा रहा है। शुरुआती बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होने का समय करीब आने के साथ ही उनके भविष्य, आर्थिक सुरक्षा और नौकरी के अवसरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल है कि सेवा पूरी होने के बाद उनके खाते में कितनी रकम आएगी और आगे सरकारी नौकरी पाने के लिए कौन-कौन से रास्ते खुलेंगे।
अग्निपथ योजना में चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से अधिकतम 25 प्रतिशत को नियमित सैन्य कैडर में शामिल किए जाने का प्रावधान है। बाकी अग्निवीरों को सेवा से मुक्त किया जाता है। नियमित सेवा में चयन सेना की जरूरतों, प्रदर्शन और निर्धारित चयन प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
चार साल बाद सेवा निधि में मिलेंगे करीब 11.71 लाख रुपये
अग्निपथ योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज दिया जाता है। इसमें अग्निवीर का अपना योगदान, केंद्र सरकार की ओर से बराबर योगदान और उस पर मिलने वाला ब्याज शामिल होता है।
योजना के घोषित ढांचे के अनुसार, अग्निवीर और सरकार दोनों की ओर से लगभग 5.02-5.02 लाख रुपये का मूल योगदान होता है। इस तरह कुल मूल राशि करीब 10.04 लाख रुपये बनती है। ब्याज सहित सेवा निधि पैकेज लगभग 11.71 लाख रुपये बताया गया है। वास्तविक भुगतान लागू नियमों और ब्याज के हिसाब से निर्धारित होगा।
इस पैकेज की खास बात यह है कि इसे आयकर से छूट दी गई है। यानी सेवा समाप्त होने पर मिलने वाली यह रकम अग्निवीरों को आगे की पढ़ाई, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार या अपना काम शुरू करने में आर्थिक मदद दे सकती है।
CAPF और असम राइफल्स में 50% आरक्षण का प्रावधान
सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों के सामने सबसे अहम सवाल रोजगार का है। केंद्र सरकार ने इस दिशा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और असम राइफल्स में भर्ती के नियमों के तहत पूर्व अग्निवीरों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं।
गृह मंत्रालय ने 21 जुलाई 2026 को जारी जानकारी में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और असम राइफल्स में राइफलमैन के पदों पर 50 प्रतिशत रिक्तियों में आरक्षण देने की बात कही है। इसके साथ निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट और पहले बैच के लिए अतिरिक्त पांच साल की छूट का प्रावधान भी बताया गया है। इन भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक मानक परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा से छूट देने की जानकारी भी दी गई है।
इससे चार साल की सैन्य सेवा के बाद बाहर आने वाले युवाओं के लिए सुरक्षा बलों में रोजगार का एक महत्वपूर्ण विकल्प उपलब्ध होगा। हालांकि, उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती के आधिकारिक नियम और पात्रता शर्तें जरूर देखनी चाहिए।
क्या 25% से ज्यादा अग्निवीरों को मिलेगी स्थायी नौकरी?
मौजूदा अग्निपथ योजना के तहत प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य कैडर में शामिल किया जा सकता है। चयन के दौरान सेवा प्रदर्शन, निर्धारित मानकों और सेना की जरूरतों को ध्यान में रखा जाता है। नियमित कैडर में चुने गए जवानों को आगे कम से कम 15 साल की सेवा करनी होती है।
पहले बैच की सेवा अवधि पूरी होने के करीब आने के बीच तीनों सेनाओं में अग्निवीरों को नियमित रखने की सीमा बढ़ाने की संभावना पर विचार किए जाने की खबरें भी आई हैं। हालांकि, फिलहाल सरकार की ओर से 25 प्रतिशत की मौजूदा सीमा में बदलाव की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इसे बढ़ा हुआ मानकर चलना सही नहीं होगा।
सेवा समाप्त होने पर पेंशन और ग्रेच्युटी मिलेगी?
अग्निपथ योजना में चार साल बाद सेवा से मुक्त होने वाले अग्निवीरों को सामान्य नियमित सैन्य सेवा की तरह पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता। उन्हें सेवा निधि पैकेज और सैन्य प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का प्रमाणपत्र दिया जाता है।
सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर मिलता है। यह बीमा सेवा के दौरान लागू होता है और इसे सेवा समाप्त होने पर मिलने वाली अतिरिक्त नकद रकम नहीं समझना चाहिए।