बस्तर जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साह और अनुशासन दोनों के साथ हुई। स्कूलों में विद्यार्थियों का स्वागत प्रवेशोत्सव के माध्यम से किया गया, वहीं जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जिला मिशन समन्वयक अशोक पाण्डे और सहायक कार्यक्रम अधिकारी परमेश्वर पाण्डे ने तोकापाल, लोहंडीगुड़ा और बस्तर विकासखंड के कई विद्यालयों का दौरा कर व्यवस्थाओं और उपस्थिति की समीक्षा की।
प्रवेशोत्सव में दिखा उत्साह, बच्चों का हुआ स्वागत
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि अधिकांश स्कूलों में नए सत्र के स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। छात्र-छात्राएं नए जोश और उत्साह के साथ विद्यालय पहुंचे और शिक्षकों ने उनका अभिनंदन किया। कई स्कूलों में प्रवेशोत्सव को उत्सव की तरह मनाया गया, जिससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
08 शिक्षकों और संकुल समन्वयकों को नोटिस
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर लापरवाही और अनुशासनहीनता भी सामने आई। विकासखंड बस्तर और तोकापाल के 8 शिक्षकों एवं संकुल समन्वयकों के कार्य में अनियमितता पाए जाने पर उन्हें तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एक दिन का वेतन काटने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
मध्याह्न भोजन और उपस्थिति पर विशेष जोर
अधिकारियों ने विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के सुचारू संचालन, गुणवत्तापूर्ण भोजन वितरण और नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षकों को प्रतिदिन अपनी डेली डायरी अद्यतन रखने तथा शैक्षणिक गतिविधियों का रिकॉर्ड संधारित करने के लिए कहा गया।
ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना होगा अनिवार्य
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उपस्थिति को समय पर ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य बताया गया, ताकि पूरे सत्र में अनुशासन और निगरानी व्यवस्था मजबूत बनी रहे।