रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में आरोपी शोएब ढेबर को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। जिला एवं सत्र न्यायालय (DJ Court) ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी की ओर से पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी, जिसे भी अदालत ने स्वीकार नहीं किया। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पुलिस के मुताबिक एक कांग्रेस नेता को कथित तौर पर गैंग के नाम पर धमकी देकर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है।
शोएब ढेबर की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम
मामले में फरार चल रहे आरोपी शोएब ढेबर की गिरफ्तारी के लिए रायपुर पुलिस ने 5 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आम लोगों से आरोपी के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने की बात भी पुलिस की ओर से कही गई है। पुलिस के अनुसार, शोएब ढेबर पिता अनवर ढेबर, उम्र 26 वर्ष, रायपुर के पाम बेलाजियो, विधानसभा रोड, पंडरी क्षेत्र का निवासी है। उसके खिलाफ तेलीबांधा थाने में अपराध क्रमांक 403/2026 दर्ज किया गया है। मामले में BNS की धारा 308(4), 351(3), 351(4) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने जारी किए संपर्क नंबर
पुलिस ने आरोपी से संबंधित जानकारी देने के लिए कुछ संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। नागरिक निम्न नंबरों पर सूचना दे सकते हैं—
ACP सिविल लाइंस: 94252-62002
तेलीबांधा थाना प्रभारी: 99074-71911
निरीक्षक सतीश सिंह: 94061-17235
पुलिस के मुताबिक आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
14 सितंबर को भेजे गए थे धमकी भरे संदेश
पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत 14 सितंबर को हुई, जब प्रार्थी आनंदमल कुकरेजा के मोबाइल फोन पर एक विदेशी नंबर से WhatsApp के जरिए धमकी भरे संदेश भेजे गए। शिकायत के मुताबिक, संदेश भेजने वाले ने कथित तौर पर खुद को अमन साहू गैंग से जुड़ा बताते हुए 25 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की थी। आरोप है कि धमकी के दौरान प्रार्थी, उसके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों को जान से मारने की बात भी कही गई थी। शिकायत के आधार पर तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच
मामले की जांच तेलीबांधा पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने संयुक्त रूप से की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 27 सितंबर को शोएब ढेबर को पकड़े जाने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से घटना से संबंधित पांच iPhone भी जब्त किए गए थे। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है। इसके बाद आरोपी को रिमांड कोर्ट में पेश किया गया था। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने नियमित अदालत से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मांगी थी। 28 सितंबर को अदालत ने पुलिस की अर्जी स्वीकार कर ली थी। अब जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद मामले में आरोपी को राहत नहीं मिली है। पुलिस उसकी तलाश और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप पुलिस की जांच और दर्ज प्रकरण पर आधारित हैं। अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी।