बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर क्षेत्र में मलेरिया से एक 10 वर्षीय बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। बताया ज रहा है कि बच्चे को मलेरिया की शिकायत होने के बाद इलाज के लिए झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए थे। जहां उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत से परिवार में जहां मातम है। तो वही स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने शुरू हो गए है।
मौसा के घर हुई बालक की मौत
जानकारी के अनुसार, गजेंद्र मरकाम अतरिया पंचायत के आरामटोला का निवासी था। वह तीन भाइयों में से छोटा था और पिछले कुछ महीनों से अपने माता-पिता के साथ मसीहाटोला में अपने मौसा के घर रह रहा था। पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। जिसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए एक निजी क्लीनिक में झोलाछाप चिकित्सक के पास ले गए। जिसके बाद गुरुवार को बालक की मौत हो गई।
उचित उपचार की व्यवस्था नहीं
इधर, घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासतौर पर मलेरिया प्रभावित इलाकों में समय पर जांच और उचित उपचार की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कथित झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया किए जाने की जानकारी सामने आई है।