रायपुर। राजधानी रायपुर में पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक के समर्थन में आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने धरना देकर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने पूरी रात अंबेडकर चौक पर डटे रहकर सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। आंदोलन में शामिल युवाओं का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
खून से लिखा- 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें'
धरने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने अपने खून से पत्र लिखकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उनका आरोप है कि NEET पेपर लीक जैसे मामलों ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता
आंदोलन में शामिल कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की गई है।
विभिन्न संगठनों की भागीदारी
धरने में NSUI, छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों से जुड़े युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
लगातार दूसरे दिन जारी रहा प्रदर्शन
अंबेडकर चौक पर प्रदर्शन का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।