नई दिल्ली/श्रीनगर: तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के नेता यासीन मलिक ने अपनी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक से अलग होने का फैसला किया है। इस संबंध में उसने श्रीनगर की टाडा/पोटा कोर्ट में 25 पेज का एक हलफनामा दाखिल किया है। हलफनामे में यासीन ने अपनी निजी जिंदगी के साथ-साथ परिवार और अपने खिलाफ चल रहे मामलों को लेकर भी कई बातें कही हैं। यासीन मलिक ने अपने हलफनामे में पत्नी मुशाल के लिए भावुक संदेश लिखा है। उसका कहना है कि वह नहीं चाहता कि मुशाल अपनी बाकी जिंदगी उसके कारण पैदा हुए हालात के बोझ के साथ बिताए। उसने मुशाल से सम्मान और उम्मीद के साथ जीवन में आगे बढ़ने की अपील की है।
‘निकाह के बंधन से आजाद करने का फैसला’
हलफनामे में यासीन मलिक ने अपनी और मुशाल की उम्र में करीब 20 साल के अंतर का उल्लेख करते हुए पत्नी से आगे बढ़ने को कहा है। उसने लिखा कि मुशाल को साहस के साथ अपनी जिंदगी का नया अध्याय शुरू करना चाहिए। यासीन ने यह भी कहा है कि उसे मौत की सजा दिए जाने की आशंका है और इसी वजह से वह अपनी पत्नी को वैवाहिक बंधन से मुक्त करना चाहता है। उसने अपने फैसले को लेकर बेहद निजी भावनाएं हलफनामे में दर्ज की हैं। यासीन ने अपने हलफनामे में खुद की तुलना दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति और रंगभेद विरोधी नेता नेल्सन मंडेला से भी की है।
8 साल से पत्नी से बातचीत नहीं होने का दावा
मुशाल मलिक पाकिस्तान में रहती हैं और कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ अपने बयानों के लिए जानी जाती हैं। यासीन मलिक ने दोनों के रिश्ते को लेकर दावा किया है कि पिछले करीब आठ वर्षों से उसकी पत्नी से न तो बातचीत हुई है और न ही दोनों की मुलाकात हुई है। इसी दूरी को भी उसने पत्नी से अलग होने के फैसले की एक वजह के तौर पर बताया है।
उम्रकैद की सजा काट रहा है यासीन मलिक
यासीन मलिक इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। उसे आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा उसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर में कई पुराने मामलों से जुड़े आरोप और कानूनी कार्यवाही भी सामने आती रही है। इन मामलों में 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट की हत्या और उसी दौर में भारतीय वायुसेना के जवानों की हत्या से जुड़ा मामला भी शामिल है।
सरला भट्ट हत्याकांड में यासीन का इनकार
अपने हलफनामे में यासीन मलिक ने सरला भट्ट के अपहरण और हत्या में किसी भी भूमिका से इनकार किया है। उसने मामले में खुद को झूठा फंसाए जाने का दावा किया है।यासीन ने यह भी कहा है कि उसके ट्रायल में हिस्सा नहीं लेने का अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि उसने अपराध स्वीकार कर लिया है। उसने सरला भट्ट को निर्दोष नागरिक बताते हुए मामले में लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। हाल ही में राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने 1990 के सरला भट्ट अपहरण और हत्या मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी ने यासीन मलिक को भी आरोपियों में शामिल किया था।
मां और बेटी के लिए भी संदेश
यासीन मलिक ने अपने हलफनामे में अपनी मां और 13 वर्षीय बेटी रजिया सुल्ताना का भी जिक्र किया है। यानी यह दस्तावेज केवल कानूनी मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उसके परिवार और निजी जीवन से जुड़ी भावनाओं को भी जगह दी गई है।
2005 में हुई थी यासीन और मुशाल की पहली मुलाकात
यासीन मलिक और मुशाल हुसैन मलिक की मुलाकात वर्ष 2005 में पाकिस्तान में हुई थी। बताया जाता है कि कश्मीर मुद्दे को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में यासीन ने फैज अहमद फैज की शायरी सुनाई थी। मुशाल अपनी मां के साथ कार्यक्रम में मौजूद थीं। कार्यक्रम के दौरान मुशाल ने यासीन से मुलाकात की और उसके भाषण की तारीफ करते हुए ऑटोग्राफ भी लिया था। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच संपर्क बढ़ा। यासीन के पाकिस्तान से लौटने से एक दिन पहले दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरू होने की बात सामने आई। बाद में दोनों परिवारों के बीच मुलाकातें हुईं और हज यात्रा के दौरान उनकी माताओं की मुलाकात के बाद शादी का रिश्ता तय हुआ। वर्ष 2009 में यासीन मलिक और मुशाल हुसैन मलिक की शादी हुई। दोनों की उम्र में करीब दो दशक का अंतर बताया जाता है।