WPL 2026 Final: वडोदरा में आज विमेंस प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों में स्मृति मंधाना, ऋचा घोष, शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स जैसी स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी इस मुकाबले को बेहद रोमांचक बना रही है। दिल्ली कैपिटल्स जहां पहली बार ट्रॉफी जीतने के इरादे से उतरेगी, वहीं आरसीबी की नजर अपने दूसरे खिताब पर टिकी है।
फाइनल तक दोनों टीमों का अलग सफर:
इस सीजन आरसीबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 में से 6 मैच जीतकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया और सीधे फाइनल में जगह बनाई। दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स ने करो-या-मरो मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट कटाया। टीम सिर्फ 5 दिनों में तीसरा नॉकआउट मैच खेलने उतरेगी, जिससे खिलाड़ियों की फिटनेस भी अहम भूमिका निभाएगी। दिल्ली लगातार चौथा फाइनल खेल रही है, लेकिन अब तक खिताब से दूर रही है।
खिलाड़ियों पर रहेंगी खास नजरें:
दिल्ली के लिए चिनेल हेनरी और मारिज़ान कैप ने अहम भूमिका निभाई है। एलिमिनेटर में हेनरी की 3 विकेट की गेंदबाजी और शेफाली वर्मा-लिजेल ली की तेज शुरुआत निर्णायक साबित हुई। आरसीबी की ओर से एलिस पेरी की गैरमौजूदगी में ग्रेस हैरिस ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को मजबूत बैटिंग सपोर्ट दिया। नंदनी शर्मा इस सीजन 16 विकेट के साथ सबसे सफल भारतीय गेंदबाज हैं। ग्रेस हैरिस का 181 स्ट्राइक रेट टूर्नामेंट में सर्वाधिक है। डेथ ओवर इकॉनमी में आरसीबी 8.27 के साथ शीर्ष पर है।
टीम कॉम्बिनेशन और रणनीति:
आरसीबी पूजा वस्त्राकर को विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में उतार सकती है। अरुंधति रेड्डी की फॉर्म चिंता का विषय है, ऐसे में जरूरत पड़ने पर प्रेमा रावत को मौका मिल सकता है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स अपनी विनिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव के मूड में नहीं दिख रही। शेफाली वर्मा और लिजेल ली की अर्धशतकीय साझेदारी वाले सभी मैच दिल्ली ने जीते हैं, जो उनकी मजबूत ओपनिंग का संकेत है।
पिच रिपोर्ट और मैच की परिस्थितियां:
फाइनल उसी पिच पर खेला जाएगा जिस पर एलिमिनेटर हुआ था। पिच पर घास की अच्छी परत है और ओस कम रहने की उम्मीद है, जिससे स्पिनरों को मदद मिल सकती है। नई गेंद से लॉरेन बेल की स्विंग बनाम शेफाली-ली की आक्रामक ओपनिंग मुकाबले का सबसे दिलचस्प पहलू हो सकता है। बेल इस सीजन सबसे ज्यादा 116 डॉट गेंदें फेंक चुकी हैं और पावरप्ले में बेहद प्रभावी रही हैं। दिल्ली की सभी 5 जीत लक्ष्य का पीछा करते हुए आई हैं, जो उनकी मजबूत चेजिंग क्षमता दिखाती है। वहीं आरसीबी की संतुलित गेंदबाजी और दमदार फिनिशिंग उन्हें खतरनाक बनाती है।
कप्तानी की जंग भी दिलचस्प:
स्मृति मंधाना की कप्तानी इस फाइनल का बड़ा आकर्षण है। 29 वर्षीय मंधाना पिछले कुछ समय से भारतीय टीम की भविष्य की लीडरशिप दावेदार मानी जा रही हैं। एक और खिताब उनकी दावेदारी को और मजबूत कर सकता है।
रोमांचक फाइनल की पूरी उम्मीद:
अनुभव और युवा जोश के संतुलन से लैस दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या आरसीबी अपना दबदबा कायम रखेगी या दिल्ली कैपिटल्स पहली बार ट्रॉफी उठाने में सफल होगी। फैंस को एक हाई-वोल्टेज फाइनल का इंतजार है।