रायपुर: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की पहली जिला-स्तरीय श्रम बाजार रिपोर्ट ने छत्तीसगढ़ को लेकर अहम तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के सरगुजा जिले में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं की श्रम बाजार में भागीदारी दर (LFPR) 69 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं, महिला वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR) 68 फीसदी है।
इस रिपोर्ट में राजधानी रायपुर का प्रदर्शन भी खास तौर पर सामने आया है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की पूरी आबादी को आधार मानने पर रायपुर का LFPR 61.5 फीसदी और WPR 59.4 फीसदी दर्ज किया गया है। राज्य की राजधानियों के बीच दोनों संकेतकों के आधार पर रायपुर तीसरे स्थान पर है।
सरगुजा में 100 में करीब 69 महिलाएं श्रम बाजार से जुड़ी
NSO की 18 सितंबर 2026 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, सरगुजा में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं का LFPR 69 फीसदी है। इसका मतलब है कि इस आयु वर्ग की करीब 69 फीसदी महिलाएं या तो रोजगार में हैं, या काम की तलाश कर रही हैं अथवा काम करने के लिए उपलब्ध हैं।
वहीं, सरगुजा का महिला WPR 68 फीसदी दर्ज किया गया है। यानी करीब 68 फीसदी महिलाएं वास्तव में किसी आर्थिक गतिविधि में लगी हुई हैं।
हालांकि, LFPR को सीधे तौर पर रोजगार दर नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि इसमें काम की तलाश कर रहे या काम के लिए उपलब्ध लोग भी शामिल होते हैं।
महिला LFPR में सरगुजा देश के प्रमुख जिलों में
NSO की रिपोर्ट में सभी जिलों की एक समान राष्ट्रीय रैंकिंग नहीं दी गई है। राज्यों में महिला आबादी के लिहाज से चुने गए प्रमुख जिलों में सबसे अधिक LFPR वाले जिले को प्रदर्शित किया गया है।
इस तुलना में हिमाचल प्रदेश का हमीरपुर 80.9 फीसदी महिला LFPR के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद ओडिशा का मयूरभंज 71.8 फीसदी और जम्मू-कश्मीर का बडगाम 71.4 फीसदी पर है। छत्तीसगढ़ का सरगुजा 69 फीसदी महिला LFPR के साथ इस सूची में इसके बाद आता है।
रिपोर्ट के अनुसार, देश के करीब 57.8 फीसदी जिलों में महिलाओं का LFPR 40 फीसदी या उससे अधिक है।
रायपुर का LFPR 61.5%, WPR 59.4%
राजधानी रायपुर की स्थिति भी रिपोर्ट में महत्वपूर्ण है। यहां 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की पूरी आबादी का LFPR 61.5 फीसदी दर्ज किया गया है, जबकि WPR 59.4 फीसदी है।
राज्य की राजधानियों की तुलना में रायपुर से ऊपर शिमला और तिरुवनंतपुरम हैं। शिमला का LFPR 70 फीसदी और WPR 65.1 फीसदी है। वहीं, तिरुवनंतपुरम में LFPR 64.4 फीसदी और WPR 63.2 फीसदी दर्ज किया गया है।
इस आधार पर रायपुर दोनों श्रम बाजार संकेतकों के मामले में तीसरे स्थान पर है।
LFPR और WPR में क्या अंतर है?
LFPR यानी Labour Force Participation Rate यह बताता है कि 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की आबादी में कितने लोग श्रम बाजार का हिस्सा हैं। इसमें रोजगार करने वाले लोगों के साथ नौकरी या काम तलाश रहे तथा काम के लिए उपलब्ध लोग भी शामिल होते हैं।
वहीं, WPR यानी Worker Population Ratio बताता है कि कुल संबंधित आबादी में कितने लोग वास्तव में किसी आर्थिक गतिविधि में काम कर रहे हैं।
सरल शब्दों में, LFPR श्रम बाजार में भागीदारी की तस्वीर देता है, जबकि WPR वास्तविक काम में लगे लोगों का अनुपात बताता है।
सरगुजा के आंकड़े क्यों महत्वपूर्ण हैं?
सरगुजा के 69 फीसदी महिला LFPR और 68 फीसदी WPR के आंकड़े जिले में महिलाओं की श्रम बाजार में भागीदारी की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं। वहीं, पहली बार जिला स्तर पर उपलब्ध कराए गए इन आंकड़ों से अलग-अलग क्षेत्रों के श्रम बाजार की स्थिति को अधिक स्थानीय स्तर पर समझने का आधार मिला है।