कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में वन विभाग ने वन्यजीव शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चीतल का शिकार करने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बोड़ला वन क्षेत्र में की गई, जहां आरोपी कथित रूप से चीतल का शिकार कर उसके मांस की दावत की तैयारी कर रहे थे।
आधी रात जंगल में हुई छापेमारी
वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल में वन्यजीव का शिकार कर मांस पकाने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर वन विकास निगम की स्पेशल टीम और वन विभाग के अधिकारियों ने देर रात संयुक्त छापेमारी की। मौके पर पहुंची टीम ने सात आरोपियों को पकड़ लिया।
नायलॉन के फंदे में फंसाकर किया गया शिकार
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चीतल को नायलॉन के फंदे में फंसाया और बाद में कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वन विभाग ने मौके से चीतल का मांस, नायलॉन का जाल, लोहे के फंदे और तीन कुल्हाड़ियां बरामद की हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चीतल के शिकार की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद वन विभाग ने सभी सात आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। न्यायालय में पेश करने के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
वन विभाग ने लोगों से की अपील
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के शिकार और तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जाएगा। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यजीवों के शिकार या अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि वन्यजीवों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।