अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े फंड और वित्तीय लेन-देन को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आए दावों के बाद अब ट्रस्ट ने खातों की जांच कराने का फैसला किया है। कथित वित्तीय अनियमितताओं और फंड में हेराफेरी के आरोपों के बीच चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) की एक विशेषज्ञ टीम को ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड का ऑडिट और परीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह टीम ट्रस्ट के गठन से अब तक हुए प्रमुख वित्तीय लेन-देन की विस्तृत समीक्षा करेगी।
वित्तीय रिकॉर्ड और लेन-देन का होगा ऑडिट
जांच के दौरान ट्रस्ट के बैंक खातों, दान राशि, भुगतान रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। विशेषज्ञ टीम यह सुनिश्चित करेगी कि सभी लेन-देन निर्धारित प्रक्रिया और वित्तीय नियमों के अनुरूप हुए हैं तथा प्रत्येक भुगतान का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है।
चंपत राय ने आरोपों को बताया निराधार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने फंड में किसी भी प्रकार की चोरी या गड़बड़ी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त सभी दान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है और सभी भुगतान बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट का पूरा वित्तीय प्रबंधन पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है।
डॉ. अनिल मिश्रा बोले- यह सामान्य ऑडिट प्रक्रिया
ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने भी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से खातों की जांच कराना नियमित वित्तीय प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य से जुड़े सभी भुगतान तय अनुबंध और नियमों के अनुसार किए गए हैं तथा जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
जमीन खरीद और डिजिटल ट्रांजैक्शन की भी होगी समीक्षा
सीए टीम केवल बैंक खातों की ही नहीं, बल्कि मंदिर परिसर के विस्तार के लिए खरीदी गई जमीनों से जुड़े दस्तावेज, निर्माण सामग्री की खरीद, वेंडर्स को किए गए भुगतान और ऑनलाइन प्राप्त दान की भी जांच करेगी। इसके अलावा डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड और ट्रस्ट की बैलेंस शीट का भी मिलान किया जाएगा, ताकि वित्तीय रिकॉर्ड में किसी भी तरह की विसंगति होने पर उसकी पुष्टि की जा सके।
रिपोर्ट के बाद साफ होगी स्थिति
ट्रस्ट का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाएगा। वहीं, इस पूरे मामले पर अंतिम तस्वीर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही साफ होगी। फिलहाल ट्रस्ट ने दावा किया है कि उसके सभी वित्तीय लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हैं।