राजधानी रायपुर में मकान निर्माण के नाम पर एक महिला डॉक्टर से लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता डॉ. स्नेहलता दास ने आरोप लगाया है कि बिल्डर ने निर्माण कार्य का पूरा भुगतान लेने के बावजूद केवल भवन का ढांचा तैयार किया और बाकी काम अधूरा छोड़कर कार्यालय बंद कर दिया। शिकायत के आधार पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने बिल्डर मोहित सोलंकी और उसके पिता गुलाब सिंह सोलंकी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निर्माण के लिए हुआ था अनुबंध
डॉ. स्नेहलता दास, जो पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के पद पर कार्यरत हैं, ने वर्ष 2021 में सड्डू क्षेत्र स्थित एक आवासीय परियोजना में प्लॉट खरीदा था। मकान निर्माण के लिए मार्च 2023 में यूके कॉन्सेप्ट डिजाइनर के संचालक मोहित सोलंकी के साथ अनुबंध किया गया। समझौते के अनुसार मई 2024 तक तैयार मकान सौंपा जाना था।
लोन और बचत से चुकाई पूरी रकम
शिकायत में बताया गया है कि निर्माण की कुल लागत करीब 51 लाख रुपये तय हुई थी। इसके लिए पीड़िता ने भारतीय स्टेट बैंक से 45 लाख रुपये का होम लोन लिया, जबकि शेष राशि अपनी बचत और परिजनों से उधार लेकर जुटाई। डॉक्टर का दावा है कि कुल 51.31 लाख रुपये बैंकिंग माध्यम से बिल्डर को भुगतान कर दिए गए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया।
अधूरा निर्माण, बढ़ा आर्थिक बोझ
पीड़िता का कहना है कि मकान अधूरा होने के कारण उन्हें हर महीने होम लोन की ईएमआई, ब्याज, बिजली बिल, टैक्स और अन्य खर्चों का भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं निर्माण पूरा कराने के लिए अब 30 से 35 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है, जिससे आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की प्राथमिक जांच की गई, जिसमें आरोपों के आधार पर अपराध दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले से जुड़े दस्तावेजों व वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।