छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खम्हरिया थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक अजय लहरे को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। शिकायत मिलने के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया और आरोपी को रिश्वत की रकम स्वीकार करते समय पकड़ लिया।
थाना परिसर में चली जांच कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम ने खम्हरिया थाना परिसर में आवश्यक जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। अधिकारी आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटे हैं कि रिश्वत की मांग किस कार्य के लिए की गई थी और मामले में अन्य किसी की भूमिका तो नहीं है।
बिलासपुर में भी दो अफसर रिश्वत लेते पकड़े गए
इसी बीच बिलासपुर जिले में भी ACB ने भ्रष्टाचार के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। पहले मामले में रतनपुर तहसील के पटवारी भानु चंद्राकर को जमीन नामांतरण के बदले रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने 40 हजार रुपये की मांग की थी, जबकि ट्रैप के दौरान वह 25 हजार रुपये लेते पकड़ा गया।
बिजली पोल लगाने के नाम पर मांगे थे पैसे
दूसरे मामले में मस्तूरी स्थित CSPDCL कार्यालय के बाबू सहदेव कुमार चंद्रा को कृषि कार्य के लिए निःशुल्क बिजली पोल लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACB ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
ACB अधिकारियों के अनुसार तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा-7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई और विस्तृत जांच जारी है।