मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वितरित किए गए मंगलसूत्रों को लेकर उठे विवाद की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि लाभार्थियों को चांदी के बजाय अन्य धातु (गिलेट) से बने मंगलसूत्र वितरित किए गए। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सौरभ मिश्रा की शिकायत के बाद हुई जांच में प्रारंभिक स्तर पर शिकायत को सही माना गया है।
क्रय प्रक्रिया में कई अनियमितताएं आईं सामने
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, सामग्री खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा विभिन्न फर्मों से कोटेशन तो प्राप्त किए गए, लेकिन उन्हें खोलने और अनुमोदित करने के लिए गठित क्रय समिति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि खरीदी गई सामग्री और मंगलसूत्रों का कोई भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया, जिससे गुणवत्ता संबंधी गंभीर चूक सामने आई।
चांदी के मंगलसूत्र की अनुशंसा, वितरण हुआ दूसरी धातु का
रिपोर्ट के मुताबिक, क्रय समिति ने अपने प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से चांदी के मंगलसूत्र उपलब्ध कराने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद बिना सक्षम वित्तीय स्वीकृति के दूसरी धातु से बने मंगलसूत्र खरीदे और वितरित किए गए। विभाग की ओर से यह तर्क दिया गया कि गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने के बाद संबंधित फर्म के भुगतान से प्रति मंगलसूत्र 1,000 रुपये की कटौती कर लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में कुल 36 हजार रुपये की राशि जमा कराई गई।
विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि जहां एक ओर विभागीय स्तर पर अनियमितताओं से इनकार किया जा रहा था, वहीं जिला स्तर की जांच में शिकायत सही साबित हुई है। विपक्ष ने इसे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बताया है।
रिपोर्ट शासन को भेजी गई, कार्रवाई की तैयारी
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने जांच प्रतिवेदन को आगे की विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेज दिया है। रिपोर्ट में जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा पर वित्तीय नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप दर्ज किए गए हैं। अब शासन स्तर पर रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।