झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आगे की रणनीति तय करने के लिए शनिवार को रायपुर स्थित राजीव भवन में बैठक की। बैठक में पार्टी नेताओं के साथ पीड़ित परिवारों से भी चर्चा की गई। कांग्रेस ने कहा है कि वह मामले को आगे भी उठाएगी और कानूनी स्तर पर लड़ाई जारी रखेगी।
जगदलपुर स्थित विशेष NIA अदालत ने 16 सितंबर को 2013 के झीरम घाटी हमले के मामले में 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। यह हमला 25 मई 2013 को हुआ था, जिसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी।
कांग्रेस ने तय किए तीन कदम
बैठक के बाद PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस फैसले को अंतिम पड़ाव नहीं मान रही है। उनके मुताबिक पीड़ित परिवारों से चर्चा के दौरान उनकी पीड़ा सामने आई और पार्टी ने मामले को आगे उठाने के लिए तीन स्तरों पर कार्रवाई का फैसला किया है।
कांग्रेस के अनुसार पहला कदम पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर फैसले और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है।
दूसरे चरण में दिल्ली में बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की बात कही गई है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ झीरम पीड़ित परिवारों के सदस्यों को भी शामिल किए जाने की बात कही गई है। तीसरे चरण में कांग्रेस ने मामले को लेकर न्यायिक लड़ाई आगे जारी रखने का निर्णय लिया है।
दीपक बैज बोले- पीड़ित परिवारों को अभी भी कई सवाल
दीपक बैज ने कहा कि 13 साल बाद अदालत का फैसला आया है, लेकिन पीड़ित परिवारों की ओर से अभी भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि अदालत के फैसले के बावजूद मामले में जिन लोगों की भूमिका को लेकर परिवार सवाल उठा रहे हैं, उन्हें लेकर आगे भी कानूनी और राजनीतिक स्तर पर मुद्दा उठाया जाएगा। पीड़ित परिवारों की ओर से भी हालिया फैसले के बाद व्यापक जांच और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
भूपेश बघेल ने NIA जांच पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच में कवासी लखमा से जुड़ी बातों का उल्लेख होने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
बघेल ने NIA की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर संदेह या आरोप सामने आते हैं, तो उस आधार पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें NIA की जांच पर ही संदेह है। ये बघेल के राजनीतिक आरोप और सवाल हैं; उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड में NIA अदालत का फैसला 10 दोषियों के खिलाफ है।
13 साल पुराने मामले में आया फैसला
झीरम घाटी हमले को 13 साल से अधिक समय बाद अदालत का फैसला आया। NIA कोर्ट ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई। रिपोर्टों के अनुसार दोषियों को फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। अब कांग्रेस की बैठक के बाद पार्टी की नजर राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ प्रस्तावित चर्चा, दिल्ली की प्रेस कॉन्फ्रेंस और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर है।