रायपुर। आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाज शशांक सिंह ने आगामी घरेलू सीजन से पहले बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ (CSCS) का साथ छोड़ दिया है। अब वह घरेलू क्रिकेट में पुडुचेरी का प्रतिनिधित्व करेंगे। खिलाड़ी के अनुरोध पर छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ ने उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है। हालांकि, संघ से अलग होने के बाद शशांक ने CSCS के कामकाज और अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर कई सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, क्रिकेट संघ ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए दावा किया है कि खिलाड़ी को हर स्तर पर पूरा सहयोग और अवसर दिया गया।
'चोट के बाद मुझे नजरअंदाज किया गया'
शशांक सिंह का कहना है कि पिछले घरेलू सीजन के दौरान कंधे और अंगुली की चोट से उबरने के बाद भी उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिले। उनका आरोप है कि उन्हें छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग (CCPL) की खिलाड़ियों की सूची में जगह नहीं दी गई और बेंगलुरु में आयोजित प्री-सीजन कैंप के लिए भी नहीं चुना गया। शशांक के अनुसार, लगातार उपेक्षा का सामना करने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ छोड़कर नया क्रिकेटिंग सफर शुरू करने का निर्णय लिया।
CSCS ने कहा- हर स्तर पर किया समर्थन
छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने खिलाड़ी के आरोपों को अस्वीकार करते हुए कहा कि शशांक सिंह को हमेशा प्राथमिकता और पूरा सहयोग दिया गया। संघ के मुताबिक, उन्हें आईपीएल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई और CCPL में कप्तानी जैसी जिम्मेदारी भी सौंपी गई। संघ का यह भी कहना है कि शशांक को नियमित रूप से ट्रेनिंग कैंप में बुलाया जाता था, लेकिन कई बार वे उपचार के लिए मुंबई चले जाते थे और कैंप में शामिल नहीं हो सके।
घरेलू क्रिकेट को लेकर भी दिया जवाब
शशांक ने इस बात का भी खंडन किया कि वे सिर्फ आईपीएल खेलना चाहते हैं और घरेलू क्रिकेट में रुचि नहीं रखते। उन्होंने कहा कि उनके प्रदर्शन का सबसे बड़ा प्रमाण बीसीसीआई द्वारा 2023-24 घरेलू लिमिटेड ओवर सीजन के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर के लिए मिला प्रतिष्ठित लाला अमरनाथ पुरस्कार है।
अब व्हाइट-बॉल क्रिकेट पर रहेगा पूरा फोकस
34 वर्षीय शशांक सिंह अब पुडुचेरी के लिए मुख्य रूप से व्हाइट-बॉल क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह इस सीजन रेड-बॉल क्रिकेट से ब्रेक लेकर अपनी गेंदबाजी को और बेहतर बनाने पर काम करेंगे, ताकि टी20 क्रिकेट में एक प्रभावी ऑलराउंडर की भूमिका निभा सकें।
2024-25 सीजन में रहा शानदार प्रदर्शन
घरेलू क्रिकेट में शशांक सिंह का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है।
विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 में 7 मैचों में 450 रन और 11 विकेट।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024-25 में 7 मुकाबलों में 188 रन।
लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के चलते उन्हें देश के भरोसेमंद व्हाइट-बॉल खिलाड़ियों में गिना जाता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुडुचेरी के लिए खेलते हुए शशांक अपने करियर को किस नई ऊंचाई तक पहुंचाते हैं।