रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (CG-SISF) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। इन नियमों के लागू होने के साथ ही राज्य में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर एक विशेष सुरक्षा फोर्स के गठन का रास्ता साफ हो गया है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा बनाए गए ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल अधिनियम, 2025 के तहत लागू किए गए हैं और तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गए हैं।
कैसे होगा बल का गठन
नई फोर्स को दो प्रमुख शाखाओं में कार्यपालक (Executive) और अनुसचिवीय (Ministerial) विभाजित किया गया है, इस बल का नेतृत्व पुलिस महानिदेशक (DGP) करेंगे। उनके अधीन विशेष डीजीपी, एडीजीपी, आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी प्रशासन और अनुशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उम्र सीमा और संरचना
फोर्स में शामिल होने के लिए आयु सीमा निर्धारित की गई है, आरक्षक अधिकतम 40 वर्ष, प्रधान आरक्षक अधिकतम 45 वर्ष, निरीक्षक अधिकतम 52 वर्ष और अफसर-कर्मी प्रतिनियुक्ति पर आएंगे, इस बल में राज्य पुलिस और सशस्त्र बलों के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति (Deputation) के आधार पर तैनात किया जाएगा। प्रतिनियुक्ति अवधि: 5 वर्ष (अधिकतम 6 वर्ष तक विस्तार संभव), अतिरिक्त लाभ: मूल वेतन का 12% प्रतिनियुक्ति भत्ता, बटालियन स्तर पर कमान सेनानी (Commandant) के पास होगी, जिनकी सहायता उप सेनानी और सहायक सेनानी करेंगे।
उद्योगों को मिलेगी प्रोफेशनल सुरक्षा
CG-SISF केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी और संयुक्त क्षेत्र के औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी सशुल्क सुरक्षा सेवाएं प्रदान करेगा। इसके अलावा बल द्वारा सुरक्षा ऑडिट, आपदा प्रबंधन योजना, अग्नि सुरक्षा परामर्श जैसी सेवाएं भी दी जाएंगी।
तैनाती से पहले होगा सुरक्षा सर्वे
किसी भी औद्योगिक इकाई में बल की तैनाती से पहले संयुक्त सर्वेक्षण बोर्ड बनाया जाएगा, जो सुरक्षा जोखिमों का आकलन कर आवश्यक बल की संख्या तय करेगा।
गिरफ्तारी और तलाशी का अधिकार
CG-SISF को अधिनियम के तहत गिरफ्तारी और तलाशी के अधिकार भी दिए गए हैं। इसके लिए उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों का पालन करना होगा।
औद्योगिक विकास को मिलेगा सुरक्षित माहौल
इन नियमों के लागू होने से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और विकास को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था अधिक पेशेवर और संगठित तरीके से संचालित की जा सकेगी।