रायपुर। कथावाचक आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIR, मंदिरों में VIP दर्शन, धर्म और राजनीति के संबंध, गौ संरक्षण और Gen Z आंदोलन जैसे कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक बहस और युवाओं से जुड़े विषयों पर भी अपने विचार साझा किए। आचार्य इन्द्रेश इन दिनों रायपुर प्रवास पर हैं। यहां 21 से 27 सितंबर तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों पर क्या बोले?
SIR को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि जब किसी मुद्दे पर दो पक्ष होते हैं तो हारने वाला अपनी तरफ से कुछ न कुछ कहता रहता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर कई बार नेता वोटिंग मशीन, बूथ या EVM में गड़बड़ी जैसे मुद्दे उठाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे कार्यकाल का उल्लेख करते हुए अपनी व्यक्तिगत राय भी रखी। हालांकि, उनके द्वारा कही गई ये बातें राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर देखी जानी चाहिए।
मंदिरों में VIP दर्शन पर क्या बोले?
मंदिरों में VIP दर्शन की व्यवस्था को लेकर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने तिरुपति बालाजी मंदिर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां VVIP लोगों को भी दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आम श्रद्धालुओं की तरह कई जगह वे भी लाइन में खड़े होकर दर्शन करते हैं। हालांकि, सुरक्षा या भगदड़ जैसी स्थिति की आशंका होने पर किसी विशेष व्यक्ति के लिए अलग व्यवस्था किए जाने को उन्होंने उचित माना।
धर्म और राजनीति के रिश्ते पर रखी राय
राजनीति में धर्म के प्रवेश को लेकर आचार्य इन्द्रेश ने कहा कि राजनीति में धर्म होना चाहिए, लेकिन धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने धार्मिक आयोजनों और कथाओं को राजनीतिक हितों से जोड़ने की कोशिश पर भी सवाल उठाया। उनके अनुसार धर्म का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए और धार्मिक मंचों की मूल भावना को बनाए रखना जरूरी है।
गौ संरक्षण को लेकर जताई चिंता
'गौ राष्ट्र' की मांग के सवाल पर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने गौवंश के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गाय का कृषि और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश में गौवंश की संख्या को लेकर चिंता की स्थिति है और संत समाज लंबे समय से गौ संरक्षण की बात उठाता रहा है। उनके बयान में गौवंश की संख्या और प्रतिदिन होने वाले वध को लेकर कुछ आंकड़े भी बताए गए, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
Gen Z आंदोलन पर 440 वोल्ट का उदाहरण
Gen Z आंदोलन पर बात करते हुए आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने 'पावर' को बिजली के उदाहरण से समझाया। उन्होंने कहा कि शक्ति का इस्तेमाल सकारात्मक दिशा में किया जाना चाहिए। उन्होंने 440 वोल्ट बिजली का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका उपयोग प्रकाश के लिए किया जा सकता है, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर नुकसान भी हो सकता है। उन्होंने युवाओं और आंदोलनों के संदर्भ में संयम और जिम्मेदारी की बात कही। आचार्य इन्द्रेश ने इस दौरान राम मंदिर, सनातन धर्म और प्रधानमंत्री को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार शक्ति बढ़ने के साथ व्यक्ति को अपने व्यवहार और भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए।
रायपुर में युवाओं से भी किया संवाद
आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय के रायपुर प्रवास के दौरान Gen Z के साथ संवाद भी हुआ, जिसमें रिलेशनशिप, दोस्ती, सोशल मीडिया, करियर और जीवन के उद्देश्य जैसे विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने युवाओं को अपने फैसले सोच-समझकर लेने और जीवन का लक्ष्य तय करने की बात कही।