छत्तीसगढ़ में सीतापुर विधायक और नायब तहसीलदार के बीच हुए विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है। इस घटना के विरोध में राज्यभर के 536 तहसीलदार हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो गए हैं। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ ने भी इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है।
सीतापुर से शुरू हुआ विवाद, दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज
पूरा मामला सरगुजा संभाग के राजापुर उप तहसील का है, जहां 27 मई को नायब तहसीलदार तुषार मानिक और सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के बीच कथित तौर पर विवाद हुआ था। आरोप है कि दस्तावेज से जुड़े काम के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई। इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
तहसीलदारों का आंदोलन तेज, गिरफ्तारी की मांग
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने एकजुट होकर विधायक की गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ ने सीतापुर में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राजस्व व्यवस्था प्रभावित, जनता को हो रही दिक्कत
हड़ताल के कारण राज्यभर के राजस्व कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। भूमि संबंधी दस्तावेज, प्रमाण पत्र और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर भी प्रदर्शन किया है।
दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी
विवाद को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। नायब तहसीलदार पक्ष का कहना है कि उनके साथ बाहर बुलाकर मारपीट की गई, जबकि विधायक पक्ष का आरोप है कि विवाद की शुरुआत कार्यालय में हुई बदसलूकी से हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।