रायपुर। छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा सकती है। प्रदेश कांग्रेस ने इस मुद्दे पर व्यापक जनआंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि हसदेव क्षेत्र में हो रही जंगलों की कटाई और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने तथा आदिवासी समुदाय की आवाज को मजबूती से उठाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से कांग्रेस की आदिवासी सलाहकार समिति जल्द एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रही है। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ आदिवासी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। बैठक के दौरान हसदेव अरण्य से जुड़े मौजूदा हालात, स्थानीय लोगों की चिंताओं और आंदोलन की संभावित दिशा पर विचार-विमर्श होगा।
वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी के बाद बनेगी रणनीति
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, आंदोलन की रूपरेखा तय करने से पहले वरिष्ठ आदिवासी नेताओं और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से रायशुमारी की जाएगी। पार्टी चाहती है कि आंदोलन स्थानीय समुदाय की भावनाओं और मुद्दों को केंद्र में रखकर संचालित किया जाए, ताकि इसका व्यापक सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव दिखाई दे।
प्रदेशभर में विरोध कार्यक्रमों की तैयारी
पार्टी हसदेव मुद्दे को प्रदेशव्यापी अभियान का रूप देने की तैयारी में है। इसके तहत विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन, जनसभाएं, संवाद कार्यक्रम और जनजागरण अभियान चलाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। कांग्रेस का लक्ष्य जंगल, जल, जमीन और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाना है।
जल्द होगी निर्णायक बैठक
कांग्रेस संगठन के भीतर आंदोलन को लेकर जल्द एक निर्णायक बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में आगामी कार्ययोजना, विरोध कार्यक्रमों की समयसीमा और विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि हसदेव अरण्य के संरक्षण और आदिवासी हितों की रक्षा के लिए वह हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए तैयार है।