रवि पाटीदार,बागली: मध्य प्रदेश के देवास जिले की बागली विधानसभा सीट से पूर्व विधायक और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पहाड़ सिंह कन्नौजे का बुधवार शाम को दुखद निधन हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके निधन की मुख्य वजह हृदय गति रुकना रही। वह वर्तमान में अपने परिवार के साथ इंदौर में निवास कर रहे थे। उनके अचानक निधन की खबर मिलते ही बागली क्षेत्र सहित पूरे देवास और इंदौर के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
DSP से राजनीति की राह
पहाड़ सिंह कन्नौजे का सफर प्रशासनिक सेवा से लेकर राजनीति तक रहा। राजनीति में कदम रखने से पहले पहाड़ सिंह कन्नौजे पुलिस विभाग में डीएसपी पद पर कार्यरत थे। जनता की सेवा करने के जज्बे के चलते उन्होंने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया और चुनावी मैदान में उतर गए। नौकरी छोड़ने के बाद साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बागली सीट से प्रत्याशी बनाया, जहां उन्होंने शानदार जीत दर्ज की और पहली बार विधानसभा पहुंचे।
दीं विकास की बड़ी सौगातें
विधायक के रूप में अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान पहाड़ सिंह कन्नौजे ने बागली विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सड़कों और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक विकास कार्य कराए। भले ही साल 2023 के नियमित विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था, लेकिन उन्होंने इसे सहजता से लिया। वह बिना किसी नाराजगी के लगातार भारतीय जनता पार्टी के संगठन और क्षेत्र की जनता के बीच सक्रिय बने रहे।
पैतृक गांव में दी जाएगी अंतिम विदाई
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक स्वर्गीय पहाड़ सिंह कन्नौजे का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव पटारीपाल में किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन और विदाई के लिए भाजपा संगठन के कई बड़े नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्र के हजारों नागरिकों के जुटने की संभावना है।
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