दुर्ग। दुर्ग के चिकित्सक एवं शिक्षाविद डॉ. संजय तिवारी को नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मान समारोह में डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में हुए कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान प्लानिंग कमीशन ऑफ इंडिया के एस.एस.ए. काउंसिल की ओर से प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। समारोह में शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा और मीडिया जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग एवं अतिथि उपस्थित रहे। डॉ. तिवारी को मिली इस उपलब्धि के बाद विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
निरंतर सीखने को बताया सफलता की कुंजी
डॉक्टरेट की उपाधि मिलने के बाद डॉ. संजय तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि लगातार अध्ययन करते रहना और नई चीजें सीखने की जिज्ञासा सफलता की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों, वरिष्ठों, मित्रों और शुभचिंतकों के स्नेह एवं आशीर्वाद को दिया। डॉ. तिवारी लंबे समय से चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा और मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय बताए जाते हैं। वे एस.आर. हॉस्पिटल एंड कॉलेज, चिखली के चेयरमैन के रूप में चिकित्सा एवं शिक्षा से जुड़े कार्यों में भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा मीडिया क्षेत्र में प्रधान संपादक के तौर पर जनसरोकार से जुड़े विषयों को सामने रखने में भी सक्रिय हैं।
सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं का सिलसिला
डॉ. संजय तिवारी को डॉक्टरेट की उपाधि मिलने की खबर सामने आने के बाद चिकित्सकों, पत्रकारों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और उनके मित्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अलावा व्यक्तिगत तौर पर भी उन्हें शुभकामनाएं दी जा रही हैं। शुभचिंतकों ने उनकी उपलब्धि को अध्ययन के प्रति निरंतर रुचि, कार्य के प्रति समर्पण और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी से जोड़ते हुए बधाई दी।
आगे भी जिम्मेदारी के साथ काम करने की बात
शुभचिंतकों ने डॉ. संजय तिवारी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान की उम्मीद जताई। वहीं डॉ. तिवारी ने सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक जिम्मेदारी तथा समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।