राजा शर्मा//डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ वनांचल क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी सामने आने से ग्रामीणों में डर का माहौल है। डोंगरगढ़ से करीब 14 किलोमीटर दूर ग्राम ढारा के पास घोटिया रोड पर रात करीब 10 बजे ग्रामीणों ने तेंदुए को देखा। बताया जा रहा है कि वन्यजीव ढारा निवासी धवल चावड़ा के फार्म हाउस के आसपास नजर आया। तेंदुए को देखने के बाद आसपास के इलाकों में हलचल बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में इससे पहले भी कई बार तेंदुए की मौजूदगी देखी जा चुकी है। ऐसे में लोगों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
रात में घोटिया रोड पर नजर आया तेंदुआ
जानकारी के मुताबिक, घोटिया रोड के पास रात के समय ग्रामीणों की नजर तेंदुए पर पड़ी। अचानक सड़क के आसपास तेंदुए को देखकर लोग सहम गए। कुछ ही देर में इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों तक पहुंच गई, जिसके बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। तेंदुए की मौजूदगी ऐसे इलाके में सामने आई है, जहां ग्रामीणों का खेतों और फार्म हाउस की ओर आना-जाना रहता है। रात के समय वन्यजीव के दिखाई देने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
पहले भी सामने आ चुकी है तेंदुए की मौजूदगी
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार डोंगरगढ़ क्षेत्र में तेंदुए का विचरण पहले भी कई बार देखा गया है। बार-बार वन्यजीव की मौजूदगी सामने आने के बाद अब ग्रामीण संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय खेतों और फार्म हाउस की ओर जाने में उन्हें डर महसूस हो रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
वन विभाग से निगरानी बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल क्षेत्र का निरीक्षण करने और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जरूरत के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके। ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जिन क्षेत्रों में बार-बार तेंदुए की मौजूदगी सामने आ रही है, वहां वन विभाग की निगरानी व्यवस्था किस स्तर पर है। स्थानीय लोग कैमरा ट्रैप, नियमित गश्त और समय पर सूचना देने जैसी व्यवस्थाओं को लेकर भी स्पष्टता चाहते हैं।
बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन्यजीव आबादी के नजदीक लगातार दिखाई दे रहा है तो एहतियाती कदम पहले से उठाए जाने जरूरी हैं। फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग तेंदुए की गतिविधियों की निगरानी करे और लोगों को आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दे। वन्यजीव और मानव आबादी के बीच बढ़ती नजदीकी को देखते हुए स्थानीय स्तर पर सतर्कता और निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डोंगरगढ़ के ढारा और घोटिया रोड क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग समय रहते निगरानी और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करे, ताकि किसी भी संभावित अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके।