जिला संवाद कार्यक्रम कोरबा : कोरबा जिले में inh-हरिभूमि द्वारा जिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विकास, सरकारी योजनाओं और स्थानीय समस्याओं पर खुलकर मंथन हुआ। इस संवाद मंच पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक एक साथ मौजूद रहे और जमीनी हकीकत पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन, विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति और आमजन को आ रही परेशानियों को लेकर गंभीर संवाद देखने को मिला। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार, सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं चर्चा के प्रमुख विषय रहे।
इसी क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और 15 वर्षों तक विधायक रहे जय सिंह अग्रवाल से inh-हरिभूमि के प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी ने विशेष संवाद किया। बातचीत के दौरान जिले से जुड़े अहम मुद्दों, विकास की दिशा और जनहित से संबंधित सवालों पर विस्तार से विचार रखे गए।
प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी : दो साल कैसे बीत रहे हैं आपके...
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल : पहली चीज जो हम तो जो पिछला 5 साल का कार्यकाल था उसमें और इसमें कोई डिफरेंस नहीं समझते है। क्योंकि कोरबा का दुर्भाग्य रहा कि चाहे हमारी सरकार रही हो या भाजपा की सरकार हो, छांट छांट कर नमूने किस्म के अधिकारी यहां भेजे जाते है। हमे आपका लादव डिबेड देखा, कि एसपी साहब ने कहा कि 87 मौते हुई थी, उस आंकड़े को हम 37 पर ले आए... तो भैया जीरो क्यों नहीं कर लिया, अगर आप इतने गणितज्ञ थे तो...
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने आगे कहा कि आपने हमारी सरकार में अगर वो उदय किरण एसपी हो, चाहे अभिषेक मीणा एसपी हो, चाहे भोजराम पटेल एसपी हो... तीनों के कार्यकाल में जो गदर चला.. क्या अभी कोयला की चोरी बंद हो गई? की डीजल की चोरी बंद हो गई? क्या हत्याएं बंद हो गई? की बलात्कार बंद हो गए? आंकड़ा निकालकर देख लीजिए कोरबा का ग्राफ क्राइम के नाम से बढ़ा है पहले से ज्यादा। उन्होंने आगे कहा की हमने तो अपनी सरकार में विरोध किया। आज भी हम उसका विरोध उस ढंग से नहीं कर पाए, क्योंकि हम अभी विधायक नहीं है। हमने मौका दिया 2 साल तक, कि दो साल में यहां के वर्तमान विधायक और मंत्री जी ने एक बड़ा घोषणा पत्र जारी किया था। वो जब आएंगे तो उनसे पूछ लिजिए की एक भी उन्होंने पूरी की हो..
उन्होंने उस समय कहा था कि जो पट्टा दिया गया वो फर्जी है। हम विधायक बनेंगे तो पट्टा देंगे.. हमारी महापौर कहती है कि उन्होंने 5 हजार आवास सेंशन किए है, तो वो बता देंगी की मेरे पट्टे से बाहर सेंशन किए हैं... और नहीं तो जिन 10 हजार लोगों को हमने पट्टा दिया, बाकी 10 हजार लोगों को पट्टे की जरूरत है उन्हें कौन देगा। दूसरी चीज इन्होंने कहा था की हम जाम की समस्या से निजात दिलाएंगे, आपने मकान दुकान तोड़ दिए...काम अभी तक शुरू नहीं हुआ, काम शुरू करेंगे तो जाम की समस्या क्या रहेगी? उसका निदान क्या किया आपने? अखबारों में तो छपा है कि 9 करोड़ का ब्रिज सेंशन, उसका काम कब चालू होगा?
प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी : हमने ये पूछा की 2 साल कैसे बीता, कैसे काट रहे हो समय
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल : दो साल कैसे बीता.. जो मेरे पारिवारिक काम छूटे हुए थे, उनको मैने पूरा किया। मेरा मकान अधूरा था, जिसको मंत्री जी ने कहा था की 500 करोड़ रूपए का मकान है... भैया अभी तो सैंकड़ों करोड़ों रूपया कमा लिया। 50 करोड़ में आज दे देता उसको फिर वो ले ले फिर उसका इनकम टैक्स निकाल ले की कितना रूपए का मकान है। उसकी जांच करा ले। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। जांच हो भी रही है, कई लोग शिकायत कर चुके है। मुझे कोई फर्क नही पड़ता।
प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी : कौन सी सरकार ज्यादा अपनी लगी... 5 साल वाली या दो साल वाली?
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल : हमार सरकार में प्रशासनिक पुलिस अधिकारियों से टकराव रहा। उसका रीजन सब जानते है। भाजपा के भी और कांग्रेस के भी और आम जनता भी जानती है। टकराव इस बात का था कि हम गलत कामों का विरोध करते थे। अब दो साल निकल गया, लोगों ने कहा जल्दबाजी नहीं, तो मैने दो साल छोड़ दिया। जैसे ही दो साल जैसे ही पूरा हुआ, मंत्री जी के घोषणा पत्र में था की जितने ठेला, गुमठी है उनको स्थायी स्थान दिया जाएगा... लेकिन जो सैकड़ों व्यापारी जो रोज कमाते और खाते है, उनको उनको डंड़े मार के भगाया और मंत्री जी ने भी भगा दिया। तो बेचारे मेरे पास आ गए। तो मैने जाकर कल से शुरूआत की है और खुला चैलेंज किया है की इन ठेला गुमठी वालों को एक को भी हटा के बता दें.. में उनकी रक्षा करूंगा।
प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी : क्या विष्णु देव की सरकार अपनी अपनी सी लगती है?
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल : मेरे लिए वो सरकार, मैं खुद मंत्री था, इसलिए मैं मुख्यमंत्री पर भी भारी था, इसलिए में अपने आप में सक्षम था। मैने लाख रोकने के बावजूद मेडिकल कॉलेज खुलवाया, स्कूल खुलवाए, कॉलेज खुलवाया, आईटीआई खुलवाई, सेंट्रल स्कूल खुलवाया, मैने 300 करोड़ रूपए रोड़ के लिए दिलवाया, जो आज तक कोई नहीं दिलवा पाया। जिले में कोई भी कलेक्टर रहा हो..यहां के प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रियता और कमजोरी की वजह से जो रोड के काम अधूरे हैं, 2023 के फरवरी में 83 करोड़ रूपए रोड के लिए सेंशन कराए... ताकि कोरबा का जाम खुल जाए... लेकिन आज तक उसकी निविदा नहीं हुई, पैसा कलेक्ट्रेट में जमा है, लेकिन तीन साल में निविदा नहीं हुई और अब फिर फरवरी आने वाली है, तीन साल पूरे होने वाले है।
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने आगे कहा कि आप सुनालिया ब्रिज की बात कर रही हैं मेडम, जिस दिन ब्रिज कटेगा ना... उस दिन आप शहर में घुस नहीं पाएंगी। पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने अधिकारियों को घेरते हुए कहा की हमारे एक अधिकारी को चिकन अच्छा लगता था, खाली एक प्लेट चिकन के लिए वो रोड़ का काम रोक दिया गया। हाईकोर्ट को गलत जानकारी दी गई, फाइन निकलवा के देख ले... वो रोड क्यों नहीं बन पाया... वो हमारी सरकार में रूक तो उसके बाद इस सरकार में क्यों नहीं हुआ? इस सरकार में रूक तो इस नगर निगम के कार्यकाल में क्यों नहीं हुआ? दो साल में जाम से क्यों मुक्ति नहीं दिलाई गई? मंत्री जी से कौन पूछेगा? क्या भाजपा के लोगों में दम है?
प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी : भाजपा में आपकी सेटिंग क्या है? जो 300 करोड़ ले आए..
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल : जनप्रतिनिधि या तो जनता के हित में सोच ले, अपना हित सोच ले... अगर में एसईसीएल के सीएमडी और डायरेक्टरों के बहकाबे में आता तो, निश्विचत तौर वो पैसा सेंशन नही होता। जो विधायक, मंत्री, जनप्रतिनिधि लालच में आएगा वो 5 रूपया भी नहीं निकाल सकता। ये मेरा दावा है। अभी तो भाजपा की डबल इंजन की सरकार है। कोरबा में भी छत्तीसगढ़ में भी केंद्र में भी तीनों सरकार के बाद भी मैने तो 300 करोड़ निकलवा दिया उसका क्रियानवयन तो करा दो... किसने रोका है।
प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी : विधायक, मंत्री ध्यान नहीं दे रहे की सांसद भी ध्यान नहीं देती?
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल : सत्ता जब से आई है, बहुत से लोंगों को पहली बार में मंत्री पद मिल गया है तो कमाने में मस्त है, क्या पता आगे अवसर मिलेगा या नही? मंत्री के घर से पांच पांच आदमी थैला लेकर निकलते है और दिन दिन भर घूमकर बटोरकर लाते है... कोरबा का कोई बता दें कि जय सिंह अग्रवाल ने किसी से पैसा लिया हो, किसी से वसूल किया हो तो... जिन लोगों ने बसूल किया वो जेल गए। रानू साहू जेल गई, हम उसमें सहयोगी है। हमारे कारण जेल गई, हम स्वीकारते है, लेकिन आज जो हो रहा है उसको कौन भेजेगा? कौन कार्रवाई करेगा? क्योंकि सब अपने आप में मस्त है। किसी को समय ही नही है। लूट मची हुई है।
प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी : आपकी बात सही है तो भाजपा क्यों जीत रही?
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल : हार जीत कोई बड़ी बात नहीं है। मैं भी चुनाव हारा हूं। मैने न कोई याचिका लगाई, न कोई आरोप लगाया, न मैने कहा की वोट चोरी हो गई, न मैने कहा की हेराफेरी हो गई... कोई भाजपा का आदमी बता दें की मेने किसी पर आरोप लगाया? हमने हार स्वीकार की क्योंकि हारना और जीतना लगा रहता है। अटल बिहारी वाजपेयी जी भी हारे थे, इंद्रा जी भी हारी थी, राहुल गांधी भी हारा है...देश के बड़े बड़े नेता चुनाव हारे है। झारखंड का 10 साल का मुख्यमंत्री रघुवर दास दो जगह से लड़ा, लेकिन हार गया, निर्दलीय ने हरा दिया। उसी के मंत्री ने निर्दलीय चुनाव लड़कर। हार जीत कोई बड़ी बात नहीं है.. में भी तीन बार जीता हूं और हारा भी हूं। मेरा दावा है तीन साल बचा है चुनाव में.. अगर पार्टी टिकट देगी तो लखनलाल देवांगन अगर जगदलपुर से लड़ेगा तो वहीं से चुनाव लडूंगा।
प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी : आपको अपनी पार्टी पर संदेह है...
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल : मुझे टिकट पर कोई संदेह नहीं है... टिकट भी मिलेगा, चुनाव भी लड़ेंगे और चुनाव भी जीतेंगे और सरकार भी बनाएंगे 3 साल पहले बोल रहा हूं। में पार्टी पर डाउट नहीं कर रहा हूं। परिस्थितियां बन जाती है। कहां से लड़ेगें ये कहना मुश्किल है, लेकिन मेरा प्रयास होगा की में उसके खिलाफ चुनाव लडूं। अगर पार्टी उसको टिकट देगी तो, क्योंकि मुझे संदेह है, जो कोरबा को वातावरण बना है, वो खुद टिकट से बाहर हो जाएगा।