नगरी/सिहावा। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन, विकासखंड नगरी ने शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर 22 अगस्त को एसडीएम कार्यालय नगरी में ज्ञापन सौंपा। फेडरेशन ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर सेवा हितों से जुड़े मामलों में जल्द नीतिगत निर्णय लेने की मांग की। फेडरेशन की ओर से विशेष रूप से पूर्व से सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने और वरिष्ठता के आधार पर लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने की मांग उठाई गई। पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित इन मामलों के कारण शिक्षकों में असंतोष है और शासन को प्राथमिकता के आधार पर इनका समाधान करना चाहिए।
वेतन विसंगति दूर करने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से फेडरेशन ने सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का स्थायी समाधान करने की मांग भी रखी। संगठन ने इसे मोदी गारंटी (संकल्प पत्र) में किए गए वादों के अनुरूप लागू करने की मांग की। इसके अलावा शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से पूर्व की सेवा अवधि को सेवा गणना में शामिल करने की मांग की गई। फेडरेशन ने क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान और अन्य पात्र सेवा लाभ प्रदान करने पर भी जोर दिया।
पुरानी पेंशन सहित सेवा लाभ देने की मांग
फेडरेशन ने पात्र शिक्षकों को पुरानी पेंशन सहित सभी सेवा लाभ प्रदान करने की मांग शासन के समक्ष रखी। पदाधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में सहायक शिक्षक और शिक्षक संवर्ग लंबे समय से जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके सेवा संबंधी लंबित मामलों का निराकरण शिक्षकों के मनोबल और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है।
सरकार से जल्द नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह
ज्ञापन सौंपते हुए फेडरेशन के पदाधिकारियों ने शासन से सभी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर जल्द नीतिगत निर्णय लेने तथा आवश्यक प्रशासनिक आदेश जारी करने का आग्रह किया। इस दौरान फेडरेशन के प्रांतीय, जिला और विकासखंड स्तर के पदाधिकारियों के साथ महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारी एवं कार्यकारी सदस्य भी मौजूद रहे।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
पूर्व से सेवारत शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से विधिवत छूट दी जाए।
वरिष्ठता क्रम के आधार पर लंबित पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का स्थायी समाधान किया जाए।
प्रथम नियुक्ति तिथि से पूर्व की सेवा अवधि की गणना की जाए।
क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए।
पात्र शिक्षकों को पुरानी पेंशन सहित सभी सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।