उमरिया : मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां जनसुनवाई में पहुंची कुछ छात्रों के साथ सीईओ ने न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करने की बजाए फटकार भी लगा दी। इतना ही नहीं सीईओ ने यह भी कहा कि म लोग पढ़ाई के लिए नहीं भगाने के लिए बने हो। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
मामला माता शबरी कन्या आदिवासी छात्रावास का
मामला माता शबरी कन्या आदिवासी छात्रावास का है। जहां की छात्राएं पढ़ाई से जुड़ी समस्या और किताबें उपलब्ध नहीं होने की शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंची थीं। लेकिन सीईओ ने मदद करने की जगह छात्रों को डांटकर भगा दिया। जिससे निराश होकर छात्राएं फूटफूटकर रोने लगी।
पढ़ाई के लिए किताबें नहीं मिली
बताया जा रहा है कि छात्रावास में करीब 450 छात्राएं रहती हैं। छात्राओं की शिकायत थी कि उन्हें अभी तक पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें नहीं मिली हैं। इसी समस्या को लेकर वे जिला पंचायत के सीईओ के समक्ष अपनी बात रखने पहुंचीं।
सीईओ ने छात्राओं को डांट दिया
आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान सीईओ ने छात्राओं को डांट दिया और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। छात्राओं के मुताबिक, उन्हें पढ़ाई से संबंधित समस्या रखने के बजाय फटकार का सामना करना पड़ा।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के बाद कई छात्राएं रोते हुए जनसुनवाई स्थल से बाहर निकलीं। इसी दौरान बनाए गए वीडियो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया है।