बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आयोजित महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों को रोमांच से भर दिया। 36वें यातायात जागरूकता माह 2026 के अंतर्गत यातायात पुलिस द्वारा आयोजित दो दिवसीय महिला क्रिकेट स्पर्धा में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बने, जिनमें सबसे बड़ा नाम रहा अनामिका चेरपा का।
8 ओवर के फाइनल में रिकॉर्ड्स की बारिश:
फाइनल मुकाबला बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी और महिला पुलिस लाइन टीम के बीच खेला गया। स्पोर्ट्स अकादमी की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 8 ओवर में 156 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया, जो मिनी स्टेडियम बीजापुर में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर बन गया।
अनामिका चेरपा का तूफानी प्रदर्शन:
इस मुकाबले की स्टार खिलाड़ी रहीं अनामिका चेरपा, जिन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में 82 रन जड़ दिए। उनकी इस पारी में 13 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। खास बात यह रही कि अनामिका ने मैच के चौथे ओवर में लगातार 6 छक्के लगाकर बीजापुर क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।
वूमेन ऑफ द सीरीज बनीं अनामिका:
बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी की टीम ने 4 ओवर में ही 93 रन बना लिए थे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। शानदार प्रदर्शन के लिए अनामिका चेरपा को वूमेन ऑफ द सीरीज घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि अनामिका सॉफ्टबॉल में राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी रह चुकी हैं।
100 रन से जीता फाइनल:
156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी महिला पुलिस लाइन टीम 52 रन पर ही सिमट गई। इस तरह स्पोर्ट्स अकादमी की टीम ने 100 रनों के बड़े अंतर से खिताबी मुकाबला अपने नाम किया।
आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने भी दिखाया दम:
इस वर्ष प्रतियोगिता में एक विशेष पहल के तहत आत्मसमर्पण कर चुकी महिला नक्सलियों की टीम को भी शामिल किया गया। पहली बार क्रिकेट मैदान में उतरी इस टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। उनके जज्बे और प्रदर्शन की एसपी, कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने खुलकर सराहना की।
पुरस्कार वितरण और सम्मान:
विजेता: बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी – ₹12,500 नकद + ट्रॉफी
उपविजेता: महिला पुलिस लाइन – ₹10,000 + कप
तृतीय स्थान: जांगला महिला टीम – ₹7,000 + कप
विशेष पुरस्कार: आत्मसमर्पित महिला टीम – ₹5,000
पुरस्कार वितरण समारोह में कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव और सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
अधिकारियों का संदेश:
कलेक्टर ने कहा कि खेल से अनुशासन और जिम्मेदारी विकसित होती है, वहीं पुलिस अधीक्षक ने यातायात नियमों के पालन को सुरक्षित समाज की नींव बताया।