रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद प्रदेश की राजनीति और अधिक गरमा गई है। घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर एक तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय पर हमला सुनियोजित था और इसमें पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
कांग्रेस मुख्यालय के बाहर हुआ था विवाद
बुधवार को NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर राजधानी रायपुर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया। कांग्रेस भवन के बाहर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। इस दौरान पुलिस ने हस्तक्षेप किया और हालात नियंत्रित करने का प्रयास किया। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई, जिसके बाद कांग्रेस से जुड़े कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
भूपेश बघेल का सोशल मीडिया पोस्ट
घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा नेताओं ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करते हुए कांग्रेस मुख्यालय पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उपद्रवी तत्वों ने कांग्रेस कार्यालय और कार्यकर्ताओं पर पथराव किया, जबकि पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़कर कार्रवाई की। उनके अनुसार इस पूरी घटना में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए और कुछ पत्रकार भी चोटिल हुए।
एफआईआर पर उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने कहा कि घटना के बाद पुलिस ने केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ही एफआईआर दर्ज की, जबकि उनके मुताबिक हमला भाजपा की ओर से किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई सरकार के संरक्षण में हुई।
पुलिस अधिकारियों को दी चेतावनी
अपने पोस्ट में भूपेश बघेल ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए लिखा कि वे निष्पक्षता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती रहती हैं और अधिकारियों को कानून तथा संविधान के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए। इस टिप्पणी के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
रायपुर की इस घटना के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर कांग्रेस इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कार्रवाई बता रही है, वहीं भाजपा की ओर से भी कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिए जाने की संभावना है। पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश की राजनीति की नजर बनी हुई है।