भोपाल। राजधानी भोपाल में ड्यूटी के दौरान एक पुलिस आरक्षक को कथित तौर पर अगवा कर बंधक बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शाहपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक सुंदरम पटेल के साथ यह घटना 8 अगस्त की दरमियानी रात बताई जा रही है। आरोप है कि चेकिंग के दौरान कार रोकने के बाद बदमाशों ने आरक्षक को अपनी कार में बैठाया और फिर उसका मोबाइल बंद कर दिया। आरोपियों ने कथित तौर पर आरक्षक के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए और उसे कार में बंधक बनाकर रातभर भोपाल की सड़कों पर घुमाते रहे। इस दौरान उसके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप है। जब आरक्षक काफी देर तक थाने नहीं पहुंचा तो पुलिसकर्मियों को शक हुआ और उसकी तलाश शुरू की गई।
चेकिंग के दौरान कार रोकने से शुरू हुआ मामला
जानकारी के अनुसार, आरक्षक सुंदरम पटेल शाहपुरा थाना क्षेत्र में चेकिंग ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उन्होंने एक कार को जांच के लिए रोका। कार में दो युवक सवार थे। पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों को थाने चलने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद एक अन्य आरक्षक मोटरसाइकिल से थाने के लिए रवाना हो गया। सुंदरम पटेल को आरोपियों के साथ उनकी कार में बैठकर थाने आने के लिए कहा गया। आरोप है कि कार में बैठते ही दोनों युवकों ने आरक्षक के साथ मारपीट शुरू कर दी।
मोबाइल बंद कर हाथ-पैर और मुंह बांधे
आरोपियों ने कथित तौर पर आरक्षक का मोबाइल फोन बंद कर दिया। इसके बाद उसके हाथ-पैर और मुंह बांध दिए गए। आरक्षक को कार में ही बंधक बनाकर आरोपी रातभर शहर में घूमते रहे। इस दौरान उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। जब काफी समय बीतने के बावजूद आरक्षक थाने नहीं पहुंचा तो पुलिसकर्मियों को स्थिति संदिग्ध लगी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और संभावित स्थानों पर आरोपियों की घेराबंदी की।
पुलिस की सक्रियता बढ़ी तो आरक्षक को छोड़ा
पुलिस की तलाश और घेराबंदी बढ़ने के बाद आरोपी कथित तौर पर घबरा गए। इसके बाद उन्होंने आरक्षक सुंदरम पटेल को भोपाल स्थित सरकारी प्रेस के पास छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया।
दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने मामले में भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव को गिरफ्तार किया है। भूपेंद्र शर्मा गंजबासौदा का रहने वाला बताया गया है, जबकि ऋषि नामदेव बावड़िया कला क्षेत्र का निवासी बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी भूपेंद्र शर्मा का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ विदिशा में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
वकील की बताई जा रही कार, जांच जारी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि वारदात में इस्तेमाल की गई कार कथित तौर पर किसी वकील की बताई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कार आरोपियों के पास कैसे पहुंची और वारदात के पीछे उनका वास्तविक मकसद क्या था। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना की पूरी कड़ी और अन्य संभावित तथ्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।