छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में लगातार हो रही बारिश ने धान उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान की फसल पककर तैयार है और किसान कटाई की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन मौसम में आए बदलाव से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले दो दिनों से बलौदाबाजार, भाटापारा, सिमगा, कसडोल और पलारी समेत जिले के सभी विकासखंडों में बारिश हो रही है। इसके चलते कई जगह पक चुकी धान की फसल खेतों में गिर गई है, जबकि जलभराव के कारण कटाई में देरी होने की आशंका है।
खेतों में गिरी पकी धान की फसल, कटाई पर असर
धान की कटाई का समय किसानों के लिए बेहद अहम होता है। ऐसे में लगातार बारिश ने उनकी तैयारियों को प्रभावित किया है। खेतों में खड़ी फसल के गिरने से कटाई करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, जिन खेतों में पानी भर गया है, वहां फसल काटने के लिए मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ सकता है। इससे किसानों की मेहनत और लागत पर असर पड़ने की आशंका है।
धान की गुणवत्ता बिगड़ने और दाने अंकुरित होने का खतरा
बारिश का असर केवल कटाई तक सीमित नहीं है। खेतों में गिरी धान की बालियों पर लगातार नमी बनी रहने से दानों का रंग बदलने और उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। लंबे समय तक गीली परिस्थितियां रहने पर दानों में अंकुरण की आशंका भी बढ़ सकती है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो किसानों को उपज की गुणवत्ता में गिरावट के साथ आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
अधपकी फसल पर कीट और रोगों की आशंका
जिले में कई खेतों में धान की फसल अभी पूरी तरह पक नहीं पाई है। ऐसी फसलों को लेकर भी किसान चिंतित हैं। लगातार बादल छाए रहने और नमी बढ़ने से कुछ कीटों और फसल संबंधी रोगों का खतरा बढ़ सकता है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। उपज की गुणवत्ता खराब होने पर किसानों को धान बेचने के दौरान भी परेशानी हो सकती है।
किसानों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसानों को फसल की अवस्था और खेतों की स्थिति के अनुसार निर्णय लेने की जरूरत है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक किसान ये सावधानियां बरत सकते हैं:
खेतों में पानी जमा होने पर उसकी निकासी की व्यवस्था करें।
गिरी हुई धान की फसल की नियमित निगरानी करें।
कटाई का फैसला फसल की परिपक्वता और मौसम की स्थिति देखकर लें।
फसल में कीट या रोग के लक्षण दिखने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें।
फसल की कटाई और भंडारण से जुड़े उपाय स्थानीय कृषि विभाग के निर्देशों के अनुसार अपनाएं।
फिलहाल, बलौदाबाजार जिले में किसानों की नजर मौसम पर टिकी है। बारिश थमने और खेतों से पानी निकलने के बाद ही कटाई का काम सुचारु रूप से आगे बढ़ने की उम्मीद है।