बलौदाबाजार। जिले के बहुचर्चित पुराना खर्वे जहरकांड की गुत्थी सुलझाने वाली पुलिस टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने कसडोल पहुंचकर इस संवेदनशील मामले की वैज्ञानिक जांच में अहम भूमिका निभाने वाले 26 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किए।
वैज्ञानिक जांच से सुलझा चर्चित मामला
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए एसपी ओ.पी. शर्मा ने कहा कि पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की। कठिन परिस्थितियों में की गई विवेचना के चलते आरोपी तक पहुंचना संभव हुआ और पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सका। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से लोगों का कानून और पुलिस व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
कब्र से शव निकालकर जुटाए गए अहम साक्ष्य
पुलिस जांच के दौरान मृतकों के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। इसके बाद न्यायालय की अनुमति से मृतकों के शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया गया और फॉरेंसिक जांच के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए।
जांच में सामने आया कि ग्राम पुराना खर्वे निवासी रामसहाय जायसवाल पर पुरानी रंजिश के चलते शराब में कथित रूप से जहरीला पदार्थ मिलाकर आठ ग्रामीणों को पिलाने का आरोप है। वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
पुलिस टीम की मेहनत की सराहना
एसपी शर्मा ने कहा कि यह मामला पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। टीम ने लगातार मेहनत, तकनीकी विश्लेषण और साक्ष्यों के आधार पर जांच को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की उत्कृष्ट कार्यशैली भविष्य में भी पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
इन अधिकारियों को किया गया सम्मानित
सम्मानित होने वालों में उप पुलिस अधीक्षक कौशल किशोर वासनिक, थाना प्रभारी प्रवीण भीम, साइबर सेल प्रभारी प्रणाली वैद्य, गिरौदपुरी चौकी प्रभारी अश्वनी पडवार सहित कुल 26 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। सभी ने इस बहुचर्चित मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस विभाग का कहना है कि ऐसे उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और बेहतर जांच एवं निष्पक्ष पुलिसिंग को प्रोत्साहन मिलता है।