रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बलौदा बाजार आगजनी और हिंसा मामले में पुलिस ने करीब दो साल बाद एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री दिनेश वर्मा को भी हिरासत में लिया गया है। शनिवार रात हुई इस कार्रवाई के बाद मामला फिर से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सुर्खियों में आ गया है।
दो बड़े पदाधिकारियों पर कार्रवाई:
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए अजय यादव को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल का करीबी माना जाता है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने अभी तक इस गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन पुलिस लाइन स्थित आजाक थाना और बलौदा बाजार कोतवाली थाना के बाहर बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था पुलिस कार्रवाई की पुष्टि कर रही है।
कोतवाली के बाहर जुटे कार्यकर्ता:
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कोतवाली थाना के बाहर जमा हो गए हैं। मौके पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या है पूरा बलौदा बाजार आगजनी मामला:
10 जून 2024 को सतनामी समाज के सबसे बड़े धार्मिक स्थल गिरौदपुरी से लगे महकोनी स्थित अमर गुफा में जोड़ा जैतखाम काटे जाने के विरोध में सतनामी समाज ने बलौदा बाजार के दशहरा मैदान में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए और देखते ही देखते तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं शुरू हो गईं।
सरकारी दफ्तरों को बनाया गया निशाना:
हिंसा के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आगजनी संयुक्त कार्यालय और तहसील कार्यालय में तोड़फोड़ कई सरकारी और निजी वाहनों को आग के हवाले किया गया। इस मामले में बलौदा बाजार सिटी कोतवाली थाना में कुल 13 एफआईआर दर्ज की गई थीं।
अब तक 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां:
पुलिस अब तक 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कांग्रेस, भीम आर्मी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना से जुड़े कई पदाधिकारियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। अधिकतर मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और कुछ मामलों में गवाही की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
पार्टी का आरोप:
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रकांत यदु ने आरोप लगाया है कि “प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और संगठन मंत्री दिनेश वर्मा की गिरफ्तारी बिना पूर्व सूचना के की गई है।” उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया। नई गिरफ्तारी के बाद बलौदा बाजार आगजनी मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में पुलिस की आगे की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस केस को और भी अहम बना सकती हैं।